चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फाइल देर से पहुंचने के कारण टल गई थी, अब आज इस पर सुनवाई होगी।
इस बीच गुरुवार को CM के OSD राजबीर घुम्मन CBI जांच के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे। घुम्मन ने कहा कि CBI को कार्रवाई से पहले सरकार से परमिशन लेनी चाहिए। घुम्मन ने CBI की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में भी आज सुनवाई होगी।
अब तक क्या-क्या हुआ….
ED के पत्र से सामने आए थे आरोप यह मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्र से सामने आया। ED ने आरोप लगाया था कि CM ऑफिस से जुड़े लोगों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित किया जा रहा था। आरोपों में ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसी गतिविधियों का भी जिक्र था।
हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए 5 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को मामला दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने CBI से दो महीने में रिपोर्ट देने को भी कहा।
OSD राजबीर घुम्मन समेत 6 पर FIR हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। FIR में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासनिक फैसलों और अन्य मामलों को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं।
CBI की 8 ठिकानों पर रेड 6 अक्टूबर को CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 जगहों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ स्थित पंजाब CM का कैंप ऑफिस, OSD राजबीर घुम्मन का घर भी शामिल था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जब्त की गई।
पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की। सरकार ने CBI जांच पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य की प्रारंभिक जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना CBI को जांच सौंप दी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गुरुवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मामला आया। जस्टिस दत्ता ने कहा कि संबंधित फाइल जस्टिस नागू तक देर से पहुंची है, इसलिए मामले को शुक्रवार को सुना जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने CBI की कार्रवाई पर अंतरिम रोक की मांग की थी।




