चंडीगढ़.
पूर्व पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा।
केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। पीठ में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। नटराज ने कहा कि केंद्र को राजोआना की मांग पर आपत्ति है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजोआना की सजा को कम करने के संबंध में कोई निर्णय लेना अनुकूल नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने की मांग का विरोध कर दिया है तो अदालत मामले की मेरिट पर सुनवाई करेगी। केंद्र की ओर से मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।




