लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लाल-हरे रंग वाले बयान पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रंगों का महत्व जरूर है, लेकिन राजनीति और जनसेवा में रंग नहीं, बल्कि जनता की सेवा मायने रखती है। उन्होंने कहा कि कोई सफेद, हरा या लाल कपड़ा पहनकर अथवा भगवा झंडा लेकर भी जनता की सेवा कर सकता है, लेकिन सवाल यह है कि जनता की बेहतर सेवा कौन कर रहा है। हालाँकि अखिलेश यादव ने लाल रंग को भय का प्रतिक बना दिया है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर आधारित है और पार्टी के लिए हर भारतीय नागरिक समान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी भावना के साथ काम कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि देश सुरक्षित है, देशवासियों की मेहनत की कमाई सुरक्षित है और देश का सम्मान सुरक्षित है। मंत्री ने कहा की प्रदेश में पहले क्या होता था यह जानते है और आज योगी आदित्यनाथ की सरकार लोग अमन चैन से सर उठाकर जी रहे है।
रैलियों की अनुमति के आरोपों पर भी पलटवार
अखिलेश यादव की ओर से राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलने के आरोपों पर दिनेश प्रताप सिंह ने इसे मिथ्या आरोप बताया। उन्होंने रायबरेली का उदाहरण देते हुए कहा कि अखिलेश यादव वहां बैठक करने आए थे और उन्हें न किसी ने रोका और न ही किसी ने पूछा। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम का न होना संबंधित दल के अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।
PDA पर बोले-‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति कर रहे अखिलेश
दिनेश प्रताप सिंह ने PDA की राजनीति पर सीधे अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘डिवाइड एंड रूल’ यानी ‘बांटो और राज करो’ की नीति लोकतंत्र और समाज सेवा के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ हिस्से को ‘हमारे’ और कुछ को ‘हमारे नहीं’ बताकर राजनीति करना उसी सोच को दर्शाता है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव इसी तरह समाज को हिस्सों में बांटकर राजनीति कर रहे हैं। इसके विपरीत भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के आधार पर सभी की सेवा और सम्मान की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटकर सत्ता हासिल करने के बजाय सभी की सेवा के जरिए जनता का समर्थन हासिल करने में विश्वास रखती है।




