Thursday, September 24, 2026
Google search engine
Homeदेशआकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी, BSP नेशनल कोऑर्डिनेटर...

आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी, BSP नेशनल कोऑर्डिनेटर बने

लखनऊ 

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया। इससे पहले यह जिम्मेदारी मायावती ने बड़े भतीजे आकाश आनंद को दी थी। पिछले दिनों आकाश से यह जिम्मेदारी छीनने के साथ ही पार्टी से भी बाहर कर दिया था। हालांकि ईशान को भी कुछ समय के लिए मायावती ने पार्टी से बाहर किया था। पिछले दिनों ही दोबारा उनकी वापसी हुई थी। अब एक तरह से सबसे बड़ी जिम्मेदारी दे दी है।

अगले छह महीनों में यूपी और पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसी को लेकर मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और अब तक घोषित प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों के सामने ही ईशान ने मायावती के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद पहली कतार में सतीश मिश्रा के साथ उन्हें सीट मिली। कुछ देर बाद ही ईशान को सबसे बड़ी जिम्मेदारी देने का ऐलान हो गया।

अभी तक ईशान बहुजन समाज पार्टी में पर्दे के पीछे रहकर डिजिटल मीडिया, युवा विंग और तकनीकी रणनीतियों को संभाल रहे थे। अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके पास आ गई है। माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ समय से मायावती अपने ही फैसलों को बदलती रही हैं, ईशान के लिए भी इस जिम्मेदारी को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

वैसे तो आज की बैठक से पहले ही यह माना जा रहा था कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने और ईशान को दोबारा पार्टी में लेने के बाद कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।कहा जा रहा है कि ईशान अब देश भर में राज्यों के प्रभारियों और मुख्य समन्वयकों के साथ सीधे संपर्क में रहेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए मायावती से बात कर अहम फैसले लेने के साथ ही पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का काम भी उनके पास होगा। आकाश आनंद अभी तक जिस तरह से मायावती की जगह राज्यों में जाकर चुनावी बागडोर संभालते रहे, उसी तरह अब ईशान को यह करना होगा।

आकाश आनंद को क्यों दरकिनार किया गया?
ईशान से पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे. हालांकि 3 सितंबर को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था. उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है. इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया। 

मायावती ने आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी से ज्यादा परिवार को प्राथमिकता दी. मायावती ने यह भी कहा कि आकाश ने उनके उस सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया, जिसमें अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की बात कही गई थी. मायावती ने इसे आकाश के पार्टी के प्रति रुख से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे। 

आकाश को पहले मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था. लेकिन पिछले कुछ सालों में उन्हें कई बार जिम्मेदारी मिली और फिर वापस ली गई. अब मायावती ने साफ कहा है कि आकाश को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. उनकी जगह छोटे भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments