Tuesday, September 22, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़सट्टे की कमाई शेयर बाजार में खपाई, पिट्टी के 59.6 करोड़ के...

सट्टे की कमाई शेयर बाजार में खपाई, पिट्टी के 59.6 करोड़ के शेयर जब्त

रायपुर.

महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ईजमाय ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ 10 सितंबर को आरोप-पत्र दाखिल किया है. ईडी की पांचवीं पूरक अभियोजन शिकायत में पिट्टी के करीब 59.6 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों को भी अस्थायी रूप से अटैच किया गया है.

एजेंसी ने इन शेयरों को अपराध से अर्जित आय बताते हुए अदालत से इन्हें जब्त करने की अनुमति मांगी है. ईडी का आरोप है कि निशांत पिट्टी ने दुबई में रहने वाले स्काई एक्सचेंज के संचालक हरिशंकर टिबरेवाल के साथ मिलकर सट्टेबाजी से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय शेयर बाजार में लगाने और अलग-अलग स्तरों पर उसे घुमाने में मदद की. एजेंसी के मुताबिक, पिट्टी और टिबरेवाल के बीच कारोबारी संबंध थे. ईडी ने आरोप लगाया है कि ईजमाय ट्रिप प्लानर्स लिमिटेड के प्रवर्तकों की ओर से शेयरों की कीमत पहले से तय कर सौदे किए गए. एजेंसी के अनुसार, इन लेन-देन के जरिए कंपनी के शेयर भाव और बाजार पूंजीकरण को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास किया गया.

दोनों पक्षों के कारोबारी संबंधों के समर्थन में ईडी ने 2022 में भारत में आयोजित एक क्रिकेट सीरीज की स्पॉन्सरशिप का भी उल्लेख किया है. इस सीरीज में ईजमाय ट्रिप और स्काई एक्सचेंज सह-प्रायोजक थे. हालांकि, कंपनी पहले महादेव सट्टा एप या किसी अन्य सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध होने से इनकार कर चुकी है. ईडी की इस पूरक आरोप-पत्र में ईबीआईएक्स समूह के अध्यक्ष विकास गर्ग समेत कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है. एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों को हरिशंकर टिबरेवाल से संबंधित कंपनियों से 765.77 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.

ईडी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अमेरिकी कंपनी ईबीआईएक्स इंक के अधिग्रहण में किया गया. ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 1885 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है. छह आरोप-पत्रों में कुल 116 लोगों को आरोपी बनाया गया है. मामले में ईडी और सीबीआई की जांच अभी जारी है. महादेव बुक के प्रमोटर और मूल रूप से भिलाई निवासी सौरभचंद्राकर को भारत लाने के प्रयास भी जारी हैं. बताया गया है कि पिछले तीन महीनों से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक रास्ता साफ नहीं हो पाया है. सौरभ को ओमान पुलिस ने गिरफ्तार किया है और वह मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. उसे भारत लाने के लिए ईडी ने आवेदन किया है और विदेश मंत्रालय के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं.

पिछले डेढ़ साल में यह तीसरी बार है, जब सौरभ विदेश में पकड़ा गया है. इससे पहले रवि उप्पल और शुभम सोनी को भी भारत लाने के प्रयास किए गए थे. हालांकि, विदेश में पकड़े गए महादेव सट्टा मामले के किसी प्रमुख आरोपी को अब तक भारतीय एजेंसियां भारत नहीं ला सकी हैं. जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आती रही है. एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, सौरभचंद्राकर और उसके सहयोगियों से जुड़े अवैध सट्टा कारोबार का आकार 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments