Tuesday, September 22, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशस्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर, शीघ्र ही रीवा जिले के...

स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर, शीघ्र ही रीवा जिले के खेतों को मिलेगा नर्मदा जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती-किसानी विशेषकर उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रीवा का जवाब नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और लगन से यहां धान, गेहूं, चना, मसूर, अलसी और सोयाबीन का भरपूर उत्पादन हुआ है। इससे रीवा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रीवा जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि स्लीमनाबाद टनल का काम तेजी से पूरा होने की ओर है। इस टनल के पूरा होते ही रीवा जिले के खेतों तक नर्मदाजी का पावन जल पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि रीवावासियों को त्योंथर, लोंही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाएं पूरी होने पर करीब एक लाख 32 हजार हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि जिनके पास भूमि के पट्टे हैं परंतु रजिस्ट्री नहीं है, ऐसे सभी पट्टेधारकों को राज्य सरकार रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क प्रदाय करेगी। ऐसे 50 लाख पट्टों की रजिस्ट्री का शुल्क (करीब 4 हजार करोड़ रुपए) राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के जनप्रतिनिधियों और 4 प्रगतिशील किसानों से आत्मीय संवाद कर उनके द्वारा परम्परागत खेती से अलावा वर्तमान में की जा रही नवाचारी खेती के बाद तब और अब के अनुभवों की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों से तकनीकी खेती करने और जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती करने में ज्यादा फायदा होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले भर से आए किसानों से प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, श्रीअन्न, पशुपालन और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रीवा जिले में एक हजार हैक्टेयर क्षेत्र को नैचुरल फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बसामन मामा गो-अभयारण्य हमारे गौ-संवर्धन और ग्रामीण स्वावलंबन का एक बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला में संचालित 'प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र' से यहां के सभी किसान भाइयों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें सीखने और अपनाने में बड़ी मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती से आगे बढ़कर रीवा के किसान उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जो यहां की कृषि विविधता को दर्शाता है। रीवा श्रीअन्न उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है। खेती में विविधता लाने के लिए राज्य मिलेट मिशन अन्तर्गत कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज की फसलों का विस्तार किया जा रहा है। श्रीअन्न की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ हमारे परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारस और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।

रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पांचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष श्री प्रवीण त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, श्री सिद्धार्थ, श्री कपिल यार्दे, श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसानबंधु उपस्थित थे। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments