Sunday, September 20, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डसम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक...

सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

पटना
राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की परिकल्पना की है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री शीला मंडल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लव-कुश समाज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख क‍िया।

लव-कुश की कथा का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता सीता के त्याग को लेकर स्थिति बनी, तब लव-कुश ने अपनी मां के सम्मान के लिए भगवान श्रीराम के समक्ष भी खड़े होने का साहस दिखाया।

जब माता सीता को लगा कि पिता और पुत्र के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए तो उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर युद्ध रोक दिया।उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा के वंशज हैं, जहां मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया।

लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एक है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और गौरवशाली इतिहास को कायम रखना है।

2005 के बाद बिहार में बदली विकास की दिशा
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया है।

अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार सरकार में आने के समय बिहार के बजट की स्थिति को उन्होंने करीब से देखा था।

तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जिसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये रायल्टी के रूप में चले जाते थे।

उन्होंने बिहार-झारखंड विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार के बंटवारे को लेकर सभी की आंखों में आंसू थे।

उन्होंने दावा किया कि बिहार की आय का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। 2005 के बाद स्थिति बदली और वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

शिक्षा में बदलाव का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक साथ 211 डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूल बनाए गए, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं।

अब स्‍कूल से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है।

पहले सुबह चार बजे उठकर पढ़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब बच्चे रात में पढ़ना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 हजार शिक्षकों को एप से जोड़ा गया।

उन्होंने दावा किया कि रात एक बजे भी एक साथ करीब 1.42 लाख बच्चों को शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।

बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से उन्होंने दुनिया को संदेश दिया। बाद में भगवान बुद्ध की शरण में जाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में लव-कुश से जुड़ी मान्यताओं वाले स्थलों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

60 करोड़ से बनेगा लव-कुश पार्क
सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश की विरासत को विकसित करने के लिए नीतीश कुमार की सहमति से 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने का काम शुरू किया गया है।

उन्होंने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि से जुड़ी विरासत को भी विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार अमित शाह और नीतीश कुमार ने 2025 में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2028 से पहले सीता मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।

एकता को बताया विकास की ताकत
मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने का अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि 2010 में साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलग होने पर यह संख्या 127 रह गई। इसके बाद 2025 में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंचा।

उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो वह एकता का प्रतीक बन जाती है। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बिहार के मुखिया के रूप में आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments