Tuesday, September 8, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबजापान में गूंजेगा मोहाली की बेटी का नाम, निहारिका ट्रिपल जंप में...

जापान में गूंजेगा मोहाली की बेटी का नाम, निहारिका ट्रिपल जंप में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

मोहाली.

मोहाली की ट्रिपल जंप स्टार निहारिका वशिष्ठ अब एशियन गेम्स के बड़े मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी। जापान के आइची प्रांत और नागोया शहर में होने वाले एशियन गेम्स-2026 के लिए उनका चयन भारतीय एथलेटिक्स टीम में हुआ है।

पिछले दो वर्षों में निहारिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते हैं, जिनमें चार गोल्ड और दो सिल्वर शामिल हैं। उनका मुकाबला 24 सितंबर को होगा। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता से पहले निहारिका भुवनेश्वर में नेशनल कैंप में तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ प्रतियोगिता में भाग लेना नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतकर लौटना है। निहारिका के पिता राम कुमार वशिष्ठ ने बताया कि निहारिका ने 2011 में एथलेटिक्स की शुरुआत की थी। उस समय वह लाॅन्ग जंप खेलती थीं।

कोच स्वर्ण सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें ट्रिपल जंप में हाथ आजमाने की सलाह दी। इसके बाद निहारिका ने ट्रिपल जंप को अपना मुख्य इवेंट बना लिया और लगातार सफलता हासिल की। वह कई बार नेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी हैं और दो बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। इस साल उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अप्रैल में दिल्ली की इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-3 में 13.41 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड जीता। संगरूर में सीरीज-5 में 13.13 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया। रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में 13.64 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड जीता। पंजाब स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 13.03 मीटर के साथ गोल्ड और पुणे में सीरीज-8 में 13.21 मीटर के साथ सिल्वर जीता।

अब नजर जापान में पदक पर
निहारिका इस समय 8 सितंबर तक भुवनेश्वर में नेशनल कैंप में रहेंगी। इसके बाद 10 सितंबर को दिल्ली में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में हिस्सा लेंगी और 12 सितंबर को टीम के साथ जापान रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों की मेहनत और लगातार अच्छे प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतने पर है।

लाॅन्ग जंप से ट्रिपल जंप तक बदली किस्मत
निहारिका की खेल यात्रा की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपना करियर लान्ग जंप से शुरू किया था। कोच स्वर्ण सिंह की सलाह ने उनके खेल का रास्ता बदल दिया। अब 15 साल की मेहनत उन्हें एशियन गेम्स के मंच तक ले आई है। 24 सितंबर को जापान में उनकी हर छलांग के साथ मोहाली और देश की उम्मीदें भी जुड़ी होंगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments