करनाल
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और निर्बाध राजमार्ग संचालन सुनिश्चित करने के एक निर्णायक कदम के तहत, एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के अधीन परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू)-अंबाला ने ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) व्यवस्था के तहत रखरखाव किए जाने वाले पानीपत-खन्ना कॉरिडोर पर करनाल में एनएच-44 के किनारे एक व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित, सुलभ और बाधाओं से मुक्त रखना था, जिसके तहत राजमार्ग के राइट-ऑफ-वे (मार्ग के अधिकार क्षेत्र) के भीतर अनधिकृत संरचनाओं, सड़क किनारे के अवरोधों और अतिक्रमणों को निशाना बनाया गया।
यह कार्रवाई राजमार्ग की भूमि की सुरक्षा करने, यातायात की आवाजाही में सुधार लाने और यह सुनिश्चित करने के एनएचएआई के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है कि नियमित रखरखाव, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अन्य राजमार्ग संचालन बिना किसी रुकावट के किए जा सकें।
एनएच-44 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिवहन गलियारा है, जिस पर भारी यात्री और वाणिज्यिक यातायात होता है। अतिक्रमण न केवल राजमार्ग की भूमि के प्रभावी उपयोग को सीमित करते हैं, बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरे भी पैदा कर सकते हैं, दृश्यता में बाधा डाल सकते हैं और आपातकालीन व रखरखाव कार्यों में रुकावट बन सकते हैं।
संबंधित टीमों ने दोहराया है कि दोबारा अतिक्रमण को रोकने के लिए साफ किए गए हिस्सों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। राजमार्ग के किनारे स्थित हितधारकों को भी राजमार्ग की भूमि पर अनधिकृत कब्जे से परहेज करने की सलाह दी गई है।
यह पहल सड़क उपयोगकर्ताओं और व्यापक जनता के हित में एनएच-44 के पानीपत-खन्ना खंड को सुरक्षित, कुशल, बाधा रहित और पूरी तरह से चालू रखने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।




