Thursday, September 3, 2026
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Shubman Gill का T20 करियर खतरे में? ICC Ranking में गिरावट के बाद 2028 World Cup प्लान पर उठे सवाल

नई दिल्ली
भारतीय कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ताजा ICC टेस्ट रैंकिंग में झटका लगा है. गिल बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान फिसलकर 9वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसक गए. दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल ने 5 स्थान की छलांग लगाकर 54वां स्थान हासिल किया है। 

श्रीलंका दौरे पर तीन पारियों में गिल के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला था. वह अब भी भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बल्लेबाज हैं, जबकि ऋषभ पंत 7वें स्थान पर कायम हैं. यशस्वी जायसवाल 11वें नंबर पर बरकरार हैं। 

पडिक्कल के लिए श्रीलंका दौरा शानदार रहा. दो टेस्ट में 328 रन और दो शतक के साथ वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला। 

वहीं बुमराह श्रीलंका दौरे पर घुटने की चोट के कारण नहीं खेल सके थे. वह अब गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और न्यूजीलैंड के मैट हेनरी उनसे आगे हैं। 

श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने भी रैंकिंग में जबरदस्त छलांग लगाई है. भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक के बाद वह 29 पायदान ऊपर चढ़कर बल्लेबाजों की रैंकिंग में 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 

2028 वर्ल्ड कप प्लान से बाहर हो चुका है ‘प्रिंस’?

वर्ल्ड कप 2026 जीतने से ठीक पहले जो बल्लेबाज तीनों फॉर्मेट का कप्तान माना जा रहा था वो आज फटाफट क्रिकेट में हाशिए पर चढ़ाया जा चुका है. वैसे भारतीय क्रिकेट टीम जब भी किसी नए दौर में कदम रखती है, तो कुछ फैसले प्रशंसकों और विश्लेषकों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला फैसला हाल ही में देखने को मिला, जब अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम से सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल का पत्ता फिर से कट गया। 

शुभमन गिल को तीनों फॉर्मेट में भारत का अगला बल्लेबाजी स्तंभ माना जा रहा था. वनडे और टेस्ट में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी देकर ‘भविष्य का कप्तान’ घोषित किया जा चुका है. ऐसे में टी20 टीम से उनका बाहर होना महज एक आराम देना नहीं, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के एक बड़े रणनीतिक बदलाव का सीधा संकेत है. यह फैसला साफ करता है कि टी20 इंटरनेशनल में अब गिल की जगह पक्की नहीं है और टीम मैनेजमेंट आगामी बड़े टूर्नामेंट्स के लिए नए विकल्पों को आजमा रहा है। 

4 ओपनर्स की मौजूदगी: 2028 वर्ल्ड कप प्लान से गिल बाहर?
भारतीय चयनकर्ताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ सीरीज में चार बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों को टीम में शामिल किया है. इनमें वैभव सूर्यवंशी , ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे आक्रामक नाम शामिल हैं. टीम में इन चार ओपनर्स की मौजूदगी सीधा इशारा करती है कि 2028 टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती खाके से शुभमन गिल फिलहाल बाहर हो चुके हैं. चयनकर्ताओं की इस रणनीति के पीछे मुख्य वजहों को समझने की कोशिश करते हैं. आज का टी20 क्रिकेट पहली ही गेंद से प्रहार करने वाले बल्लेबाजों की मांग करता है. टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों जैसे वैभव और अभिषेक को प्राथमिकता दे रहा है, जो पावरप्ले का भरपूर फायदा उठा सकें. रोहित शर्मा और विराट कोहली के युग के बाद, टीम अब ‘एंकर’ (पारी संभालने वाले) बल्लेबाजों के बजाय ‘इम्पैक्ट’ (तेज रन बनाने वाले) खिलाड़ियों पर दांव लगा रही है. गिल की शैली पारी को बुनने की है, जो इस नए एप्रोच में फिट नहीं बैठ रही। 

दो फॉर्मेट के कप्तान का टी20 स्ट्राइक रेट कमजोर कड़ी
शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे क्रिकेट का कप्तान (या उप-कप्तान) बनाकर बोर्ड ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन और विशेषकर उनका स्ट्राइक रेट उनके लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है. वैभव, संजू और अभिषेक के मुकाबले गिल का टी20 इंटरनेशनल में करियर स्ट्राइक रेट लगभग 135 से 139 के बीच झूलता रहा है. आज के दौर में जहां ओपनर्स 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं, वहां गिल का यह आंकड़ा काफी साधारण नजर आता है.शुरुआती ओवर्स में गिल को क्रीज पर सेट होने के लिए गेंदे चाहिए होती हैं. इससे पावरप्ले में टीम का रन रेट धीमा हो जाता है, जिसका दबाव आने वाले बल्लेबाजों पर पड़ता है. हलांकि आईपीएल में गिल ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण और कड़े हालात में वे लगातार तेज गति से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे हैं। 

क्या गिल के लिए रास्ते बंद हो चुके हैं?
अफ़ग़ानिस्तान सीरीज से बाहर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि शुभमन गिल का टी20 करियर खत्म हो गया है. हालांकि, इसने उनके लिए खतरे की घंटी जरूर बजा दी है यदि उन्हें टी20 टीम में दोबारा वापसी करनी है और 2028 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा बनना है, तो उन्हें अपने खेल के तरीके में बड़ा बदलाव करना होगा. उन्हें आईपीएल और घरेलू टी20 मैचों में खुद को एक आक्रामक और निडर बल्लेबाज के रूप में साबित करना होगा, जो पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी हो सके. फिलहाल के लिए, ‘प्रिंस’ को यह समझना होगा कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ क्लास नहीं, बल्कि ‘इम्पैक्ट’ और ‘स्पीड’ ही राज करती है। 

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