Sunday, August 30, 2026
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हरियाणा में दूध बेचने के नए नियम, 100 रुपये लीटर से कम कीमत पर जुर्माना

पानीपत/हिसार.

प्रदेश के कई जिलों में दुग्ध उत्पादकों ने दूध के दाम 100 रुपये प्रति किलो करने का निर्णय ले लिया है। शनिवार को कुरुक्षेत्र के बारना गांव में कई नियम तय किए गए। इसी तरह कैथल और जींद के कुछ गांवों में भी ऐसी मांग उठी। हालांकि, दुग्ध एजेंसियों ने दाम नहीं बढ़ाए हैं।

दुग्ध उत्पादकों का तर्क है कि खल-बिनौले, गुड़, तूड़ा और हरे चारे के दामों के अलावा भैंसों के रेट भी बहुत अधिक हो गए है। उनका तर्क है कि दूध के दाम 60 से 80 रुपये तक ही मिल रहे हैं। बैठक में दूध के दाम बढ़ाने और गांव के सभी दूध विक्रेताओं द्वारा इन्हीं दामों पर दूध-घी बेचने पर सहमति जताई। मखन सिंह ने बताया कि बैठक में भैंस का दूध 100 रुपये और गाय का दूध 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचे जाने का निर्णय लिया। भैंस का घी 1500 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि गाय का घी 2200 रुपये प्रति किलोग्राम ही बेचा जाएगा। इससे कम दामों पर बेचेगा तो 5100 रुपये का जुर्माना लगेगा।

इस वजह से लिया रेट बढ़ाने का फैसला
कैथल के धनौरी में भी पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाने पर चर्चा की। भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर करने का सामूहिक निर्णय लिया गया है। जींद के सिरसा खेड़ी गांव में कुछ पशुपालकों ने अपने स्तर पर दूध के रेट बढ़ाने का फैसला लिया था। हालांकि गांव में ये फैसला लागू नहीं हुआ। कुछ पशुपालकों के साथ मिलकर भैंसके दूध के रेट 100 रुपया प्रति लीटर करने का फैसला किया था, लेकिन बाकी पशु पालक पहले वाले रेट पर ही दूध बेचते रहे। जिससे उनका फैसला लागू नहीं हो पाया। गांव की सरपंच कविता देवी ने कहा कि गांव में दूध के रेट बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है। जो रेट चल रहे हैं, उसी के हिसाब से दूध बिक रहा है।

पशु पालकों ने गांव स्तर पर यूनियन बना कर दी घोषणा
हांसी में ग्रामीण पशुपालकों ने गांव स्तर पर अपनी यूनियन बनाकर दूध और घी के दामों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। 5 सितंबर से गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर बेचने का निर्णय लिया गया है। वहीं, गांव में फ्री मिलने वाली लस्सी का रेट भी 20 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। यह मुहिम हांसी क्षेत्र के गांव भैणी अमीरपुर से शुरू हुई है। इसके बाद राजथल और थुराना के पशुपालकों ने भी एकजुट होकर यह निर्णय लिया है। तय रेट से कम पर दूध बेचने वाले पशुपालक पर जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।

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