नई दिल्ली
8वें वेतन आयोग की बैठकें जारी हैं और कर्मचारी अपनी मांग आयोग के सामने रख रहे हैं. इसी में से ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) जैसे कुछ कर्मचारी समूह 8th Pay Commission के तहत 7 फीसदी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे है. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर भी लागू करने की मांग रख रहे हैं।
इन कर्मचारी संगठनों की मांग
वहीं, नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) जैसे अन्य समूहों ने 6% वार्षिक वेतनवृद्धि की सिफारिश की है।
1 से लेकर 3 साल तक कितनी बढ़ेगी सैलरी?
ऐसे में एक कैलकुलेशन के माध्यम से समझते हैं कि अगर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी हर साल 7 फीसदी बढ़ती है और फिटमेंट फैक्टर को 2.0 फीसदी रखा जाता है तो 1 से लेकर 3 साल तक आपकी सैलरी कितनी हो जाएगी।
बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी
सबसे पहले बेसिक पे में 2.0 फिटमेंट फैक्टर को लागू करने के बाद आपकी बेसिक सैलरी दोगुना हो जाएगी. मतलब- अगर आपकी बेसिक ₹18,000 है तो यह ₹36,000 हो जाएगी।
₹21700 से बढ़कर ₹43400
₹25,500 से बढ़कर ₹51,000
₹35,400 से बढ़कर ₹70,800
₹44,900 से बढ़कर ₹89,800
₹56,100 से बढ़कर ₹1,12,200
डबल नहीं होगी सैलरी
बेसिक पे डबल होने का ये मतलब नहीं है कि आपकी कुल सैलरी भी डबल हो जाएगी, क्योंकि 8th CPC में DA, HRA और दूसरे अलाउंस का कैलकुलेशन नए तरीके से होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों की कुल सैलरी 31 फीसदी तक बढ़ सकती है. अब इसमें 7 फीसदी का इंक्रीमेंट जोड़ दें तो आइए जानते हैं कुल कितनी सैलरी हो जाएगी?
7% इंक्रीमेंट पर कितनी सैलरी बढ़ जाएगी?
मान लीजिए अगर किसी का बेसिक पे 18,000 रुपये है और इसपर 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होकर 8वें वेतन आयोग के तहत इसका कुल बेसिक 36000 रुपये हो गया है तो अब इसमें डीए, एचएआर शामिल होगा. अब मान लीजिए DA और HRA और अन्य अलाउंस जोड़ने के बाद कुल सैलरी 50,000 रुपये हो जाती है तो
- पहले साल 7% इंक्रीमेंट के बाद कुल सैलरी 53,500 रुपये होगी
- दूसरे साल 7% इंक्रीमेंट के बाद कुल सैलरी 57,245 रुपये होगी
- तीसरे साल 7 फीसदी इंक्रीमेंट पर कुल सैलरी 61,252.17 रुपये होगी.
आयोग का फॉर्मूला तय करेगा कितनी बढ़ सकती है सैलरी
गौरतलब है कि यह सिर्फ एक अनुमानित कैलकुलेशन है. Pay Commission में 7% एनुअल इंक्रीमेंट और 2.0 फिटमेंट फैक्टर को अगर मंजूरी दी जाती है तो यह पे कमीशन के फॉर्मूले पर भी निर्भर करेगा कि कर्मचारियों की कितनी सैलरी बढ़ेगी. यह कैलकुलेशन मौजूदा चर्चा के आधार पर किया गया है।




