चेन्नई
तमिलनाडु की सियासत और जन-कल्याणकारी नीतियों में एक नया मोड़ लाते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा के पटल पर जनता के लिए बड़े चुनावी वादों और राहत पैकेज की घोषणा कर दी है. राज्य सरकार ने आम परिवारों और गृहणियों को महंगाई के मोर्चे पर सीधी राहत देने के लिए साल में तीन रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर पूरी तरह मुफ्त देने का बड़ा निर्णय लिया है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को किसी कतार में नहीं लगना होगा, बल्कि तीन सिलेंडरों की पूरी सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजी जाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं की सार्वजनिक आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए राज्य की मौजूदा फ्री बस यात्रा योजना का दायरा बढ़ाते हुए ‘वेट्री पयनम’ योजना शुरू करने की घोषणा की है. इस नए कदम के तहत अब राज्य भर की लाखों महिलाओं को सरकारी बसों में बिना किसी किराए के मुफ्त सफर की सुविधा और अधिक व्यापक रूप से मिलेगी. विधानसभा में इन बड़े कल्याणकारी कदमों का एलान करते हुए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसका पूरा फोकस जमीनी स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और परिवारों के घरेलू बजट को सुरक्षित करने पर केंद्रित है।
1.30 करोड़ परिवारों को फायदा
योजना के तहत सरकार सिलेंडर खरीदने पर खर्च की गई राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी। इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवारों को फायदा मिलने का अनुमान है। जानकारी के मुताबिक विजय सरकार इस योजना पर हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की स्थिति और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। ऐसे में सरकार जनता से किया गया वादा पूरा करते हुए यह राहत दे रही है।
विजय ने कहा, “खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियों और रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए, वित्तीय चुनौतियों के बावजूद जनता का बोझ कम करने, उनके कल्याण की रक्षा करने और लोगों से किया गया वादा पूरा करने के लिए सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर पर होने वाला खर्च वहन करने का फैसला किया है।"
सीएम विजय ने विधानसभा में क्या कहा?
विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में वे परिवार शामिल होंगे जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है, साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, छोटे और सीमांत किसानों के परिवार और दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार भी इसमें शामिल होंगे। तेल मार्केटिंग कंपनियों की आधिकारिक बिलिंग के आधार पर बुकिंग और डिलीवरी होने पर कुकिंग गैस सिलेंडर की लागत का पैसा वापस किया जाएगा और सीधे परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा।
राहत उपाय की जरूरत पैदा करने वाली आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्षों के कारण ग्लोबल सप्लाई में रुकावट और कीमतों में बढ़ोतरी से पिछले चार महीनों में परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है, जिससे कई परिवार वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ने को मजबूर हुए हैं।
'तीन साल तक महिलाओं को दिए जाएंगे मुफ्त सिलिंडर'
मुख्यमंत्री ने कहा, "आर्थिक तंगी के बावजूद हमारी सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ कम करने, उनके कल्याण की रक्षा करने और उनसे किए गए वादे को पूरा करने के मकसद से गैस सिलेंडर पर होने वाले खर्च की राशि उन्हें उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसलिए परिवारों की महिला मुखियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए पहले चरण में अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना के तहत हर साल तीन मुफ्त गैस सिलिंडर दिए जाएंगे। तैयारी का काम शुरू हो गया है और यह योजना जनवरी में आने वाले पोंगल त्योहार से लागू की जाएगी, जिसके लिए सालाना लगभग 4,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।"
महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर की महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक प्रगति और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई खास योजनाओं जैसे सिंगा पेन स्पेशल टास्क फोर्स, थाईमामन थंगमोथिरम, वेट्री मगलीर अडुगल वलार्प्पु और अन्नानिन सीर के लिए जरूरी बजट पहले ही आवंटित किया जा चुका है।
महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा
सामाजिक सुरक्षा और आवाजाही को और मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने वेत्री पयनम योजना की घोषणा की। यह योजना महात्मा गांधी की जयंती, यानी 2 अक्टूबर से महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा के दायरे को काफी बढ़ाती है।
विस्तारित ट्रांसपोर्ट स्कीम के तहत महिलाएं और ट्रांसजेंडर मेट्रोपॉलिटन और शहरी इलाकों में चलने वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (LSS) और डीलक्स सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। जिलों के बीच आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए यह सुविधा ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में चलने वाली सामान्य किराए वाली बसों में भी मिलेगी।
वेत्री पयनम योजना को लागू करने पर राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 6,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सरकार ने यह भी साफ किया कि यह योजना बिना किसी आय सीमा या यात्राओं की संख्या पर रोक के चलाई जाएगी।
महिलाओं और ट्रांसजेंडर को तोहफा
विजय सरकार ने महिलाओं की 'वेट्री पयानम' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। अब महिलाएं सिर्फ साधारण बसों में ही नहीं, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस (LSS), डीलक्स और इंटर-डिस्ट्रिक्ट सरकारी बसों में भी मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी उठा सकेंगे।
विजय ने कहा है कि यह योजना 2 अक्टूबर से लागू होगी। CM विजय ने अपने संबोधन में कहा, "महिलाओं की यात्रा की आजादी उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और परिवार की प्रगति की नींव है। तमिलनाडु की किसी भी महिला को सिर्फ यात्रा खर्च की वजह से अवसरों से वंचित नहीं होना चाहिए।"
इस स्कीम के तहत, महिलाओं को मेट्रोपॉलिटन और शहरी इलाकों में चलने वाली सरकारी एक्सप्रेस, LSS और डीलक्स बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा मिलेगी. जिलों के बीच यात्रा के लिए, यह फायदा ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में चलने वाली सामान्य किराए वाली सरकारी बसों पर भी लागू होगा. यह स्कीम 2 अक्टूबर से लागू होगी, जो महात्मा गांधी की जयंती का दिन है. विजय ने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत यात्राओं की संख्या या आय की कोई सीमा नहीं होगी. ट्रांसजेंडर लोग भी मुफ्त यात्रा के लिए पात्र होंगे।




