उमरिया
जिले के विकास एवं सुशासन की एक और तस्वीर आई सामने, अपना भविष्य बनाने की चाह में नदी पार कर बीच से पढ़ने जाने को मजबूर नौनिहाल
उमरिया जिले के बांधवगढ़ 89 विधानसभा क्षेत्र के विकास की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जिसमें साफ दिख रहा है कि अपने भविष्य की चिंता को लेकर देश के नौनिहाल कैसे – कैसे खतरों से जूझते हैं, उनके अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं जो अपना सब काम छोड़ कर बच्चों को नदी पार करवाते नजर आते हैं, इतना ही नहीं बच्चे भी पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं जिसका वीडियो सोसल मीडिया में वायरल हो रहा है, इस पुल के निर्माण के लिए सालों से मांग की जा रही है लेकिन विकास का दम भरने वाले विधायक और जिला प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगीं ऐसे में अब बच्चे स्कूल बस्ता लेकर पढ़ाई करने जान हथेली पर रखकर नदी पार कर रहे हैं, ऐसा नहीं है कि कोई पहला साल है हर वर्ष की यही कहानी है, पिछले साल भी इसी गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और जिला प्रशासन एवं विधायक ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही पुल का निर्माण करवाया जाएगा लेकिन वहीं कहावत हुई कि "रात गई बात गई" गांव के मात्र आश्वासन का झुनझुना पकड़े अभी भी बैठे हैं कि कभी तो राम अयोध्या आयेंगे l
सारा नजारा जिले के बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मानिकपुर के बेन्दुली नदी का है जहां मानिकपुर, हर्राडांड और भी कई गांव के लोगों का आना जाना इसी नदी को पार कर होता है, यहां रात में कोई बीमार हो जाय या किसी महिला को डिलीवरी होने हो तो कोई साधन बारिश के मौसम में गांवों तक नहीं पहुंच सकता है, लोगों को खाट पर लेकर नदी पार करवाना पड़ता है l
मानिकपुर निवासी बब्बन सिंह ने बताया कि हम लोग कई वर्षों से जिला प्रशासन और सरकार से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, हर वर्ष बरसात के मौसम में हम लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ता है l
वहीं ग्राम हर्राडांड निवासी बैजू गोंड ने बताया कि हमारे यहां पुल नहीं होने से हम लोग बारहों माह परेशान रहते हैं, बच्चों को स्कूल भेजते हैं तो डर लगा रहता है कि कब क्या हो जाएगा कोई भरोसा नहीं बस भगवान भरोसे बच्चों के भविष्य के लिए नदी पार करवा कर स्कूल भेजते हैं कई बार हादसा भी हो गया है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है l




