Monday, August 24, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य कारोबार की पहल, 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को...

स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य कारोबार की पहल, 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को फॉस्टेक ट्रेनिंग

रायपुर,

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला जशपुर द्वारा जिला पंचायत के संवाद सभागार में 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को नि:शुल्क फॉस्टेक (खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नेस्ले इंडिया एवं नासवी (नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया) के सहयोग से किया गया।

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के प्रावधानों के तहत खाद्य कारोबारियों के लिए फॉस्टेक प्रशिक्षण आवश्यक है। प्रशिक्षण में चाय-नाश्ता, भोजन ठेला, टपरी, खोमचा, जलेबी-पकौड़ा-भजिया, चाट-गुपचुप, इडली-डोसा, भुंजा-फलीदाना, जूस-लस्सी-शेक, फास्ट फूड, मोमोज, चाइनीज फूड तथा आइसक्रीम-फलूदा सहित विभिन्न खाद्य व्यवसायों से जुड़े विक्रेता शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों की स्वच्छ एवं सुरक्षित तैयारी, उचित तरीके से परोसने तथा व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक स्वच्छता के निर्धारित मानकों की जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा के प्रति ग्राहकों को जागरूक करने के लिए आवश्यक सावधानियों से भी अवगत कराया गया।

प्रमाण पत्र और हाईजीन किट का वितरण
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी 200 विक्रेताओं को फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रमाण पत्र तथा हाईजीन किट निरूशुल्क प्रदान की गई। हाईजीन किट में एप्रन, टोपी, हेड कवर, हाथ के दस्ताने, किचन तौलिया, हाथ धोने का साबुन और गोल्डन रूल चार्ट शामिल हैं।

पाँच वर्ष के लिए निरूशुल्क खाद्य पंजीयन
विभाग द्वारा बताया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की योजना के तहत पात्र स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को आवेदन करने पर पाँच वर्ष के लिए खाद्य पंजीयन निरूशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छोटे खाद्य कारोबारियों को औपचारिक रूप से खाद्य सुरक्षा मानकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान ईट राइट आंदोलन के तहत भोजन में कम तेल, कम नमक और कम शक्कर के उपयोग के लिए भी विक्रेताओं को प्रेरित किया गया। इस संबंध में शासन द्वारा जारी पोस्टर एवं पर्चे वितरित किए गए, जिन्हें विक्रेता अपनी दुकानों पर लगाकर आम नागरिकों को भी जागरूक कर सकेंगे।
अभिहित अधिकारी सागर दत्ता ने कहा कि जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण, मानक एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments