Thursday, September 10, 2026
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काशी स्टेशन अपग्रेडेशन के लिए बड़ा एक्शन, रेलवे भूमि से हटाए गए निर्माण

वाराणसी

वाराणसी में नमो घाट के पास बनने वाले मॉडल स्टेशन के लिए देर रात कब्रिस्तान और अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) पर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया। मस्जिद के पास के कब्रिस्तान से जुड़ी भूमि से भी अवैध कब्जे हटा दिए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और रेलवे की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान कई थानों की पुलिस भारी संख्या में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया था। हालांकि किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है।

उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजनाओं से संबंधित इस भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों में विवाद था।

वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी "अजगैब मस्जिद" बुलडोजरों से ढहा दी गयी. 2024 में हुई पैमाइश में यह खुलासा हुआ कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नही हटाई गयी. अब प्रशासन ने कई बुलडोजर लेकर मस्जिद जमीदोज कर दी है.

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार रात संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी।

नमो घाट के पास काशी स्टेशन पर होंगी कई सुविधाएं
वाराणसी में नमो घाट के ठीक ऊपर स्थित काशी स्टेशन पर कई सुविधाएं विकसित होने जा रही हैं। यहां प्रस्तावित एयर कॉनकोर्स (गलियारा) दोनों भवनों को जोड़ेगा। लगभग 200 मीटर लम्बा और 100 मीटर लम्बा वातानुकूलित कॉनकोर्स न सिर्फ यात्रियों के लिए पैदल पारपथ (एफओबी) होगा, बल्कि इसमें बैठने की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल और लाउंज होंगे। खरीदारी के लिए फूड और मल्टीपरपज स्टॉल भी बनेंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां और एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

काशी स्टेशन का तकरीबन 350 करोड़ से मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। अपग्रेडेशन होने के बाद राजघाट साइड में काशी स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार हो जाएगा, जबकि वर्तमान प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री (द्वितीय प्रवेश द्वार) हो जाएगा। इसके अलावा टिकट घर, रिजर्वेशन काउंटर, पार्किंग, अत्याधुनिक टॉयलेट, वेटिंग हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।

भविष्य में काशी स्टेशन की यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। इसके तहत पटरियों और प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान प्लेटफॉर्मों की लम्बाई भी बढ़ेगी। फिलहाल काशी स्टेशन पर दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एयर कॉनकोर्स बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेने समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव बन रहा है। लखनऊ जंक्शन (चारबाग) के बाद उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) का यह दूसरा कॉनकोर्स होगा। यह भवनों की दूसरी मंजिल से जुड़ेगा। यह चौड़े पुल या छत की तरह प्लेटफॉर्म से काफी ऊंचाई पर स्थित होगा।

उत्तर रेलवे के एडीआरएम बृजेश कुमार यादव के अनुसार काशी स्टेशन पर मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों और एयर कॉनकोर्स के निर्माण समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

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