Sunday, August 2, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब भाजपा को मिला नया नेतृत्व, केवल ढिल्लों ने लिया पदभार; समारोह...

पंजाब भाजपा को मिला नया नेतृत्व, केवल ढिल्लों ने लिया पदभार; समारोह में दिखी हरियाणा CM की मौजूदगी

चंडीगढ़ 
पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रधान केवल ढिल्लों ने आज चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, हरियाणा के सीएम नायब सैनी, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वरिष्ठ नेता तरूण चुघ भी माैजूद रहे।   

नियुक्त होते ही फिल्ड में हुए एक्टिव

केवल सिंह ढिल्लों पंजाब बीजेपी के पहले जाट सिख प्रधान हैं। वह दो दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। लंबे समय तक वह कांग्रेस में रहे और विधायक भी रह चुके हैं। उद्योग जगत में भी उनकी पहचान रही है। पद संभालने के बाद से वह सक्रिय हो गए हैं। पहले चरण में उन्होंने बीजेपी नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मुलाकात की।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठा दिया सवाल

जैसे ही केवल ढिल्लों के नाम का ऐलान हुआ, उसके तुरंत बाद इस नियुक्ति पर उनके ही करीबी माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि “केवल ढिल्लों मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भाजपा अध्यक्ष के रूप में सही विकल्प नहीं हैं।”

उन्होंने इस फैसले से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने ढिल्लों के नाम की कोई सिफारिश नहीं की थी। उनका मानना है कि जाखड़ को हटाकर ढिल्लों को लाना सही फैसला नहीं है और पार्टी को ऐसे नेता की जरूरत थी जो संगठन को आगे ले जा सके।

वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में “नेतृत्व आउटसोर्स” करने को मजबूर है क्योंकि उसके पास अपने खेमे का कोई योग्य चेहरा नहीं है। लगातार दूसरी बार (पहले सुनील जाखड़ और अब ढिल्लों) किसी पूर्व कांग्रेसी को कमान दी गई है। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले उन्हें हारा हुआ नेता बताया, लेकिन बाद में कहा कि वह अभी उनका काम देखकर ही टिप्पणी करेंगे।

पंजाब BJP ने यह फैसला क्यों लिया, 4 वजहें
चुनाव से पहले सिख चेहरा जरूरी: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां सिख चेहरे की अगुआई जरूरी थी। पंजाब में सिख सेंटिमेंट्स बहुत ज्यादा रहते हैं। ऐसे में सिख चेहरे को प्रधान की कुर्सी सौंपने से भाजपा को उम्मीद है कि सिख उनके प्रति आकर्षित होंगे।

अभी 2 हिंदू चेहरों के पास थी अगुआई: पंजाब में भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा थे। ऐसे में दोनों ही बड़े पदों पर हिंदू चेहरे थे। भाजपा नहीं चाहती थी कि पंजाब में चुनाव के दौरान भी उन पर सिर्फ हिंदुओं की पार्टी की ठपा लगा रहे। इस फैसले से ये मैसेज जाए कि भाजपा सिख चेहरों को आगे नहीं लाना चाहती।

सुनील जाखड़ इस्तीफा दे चुके थे: प्रधान सुनील जाखड़ 2024 में ही पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस दौरान भाजपा 13 में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इसके बाद जाखड़ काफी टाइम तक एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूर रहे। मगर, कुछ समय से वह एग्रेसिव ढंग से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। फिर भी जातीय समीकरण साधने की चुनावी मजबूरी के चलते भाजपा को उन्हें हटाना पड़ा।

कैप्टन अमरिंदर को भी खुश किया: पंजाब के 2 बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह की लगातार शिकायत थी कि भाजपा में आने के बाद उनसे पंजाब को लेकर कुछ नहीं पूछा जाता। अब भाजपा ने उनके ही करीबी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी है। ऐसे में अब कैप्टन भी चुनाव में खुलकर काम करते दिखाई दे सकते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments