Wednesday, August 19, 2026
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सफर बना महिलाओं की तरक्की में बाधा! बिहार में 27% महिलाएं पढ़ाई-नौकरी छोड़ने को मजबूर

पटना
बिहार में महिलाओं के पढ़ाई और नौकरी छोड़ने की वजहों को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवहन सुविधा का अभाव, महंगे किराए और असुरक्षा के कारण बिहार की 27 फीसदी महिलाएं पढ़ाई छोड़ रही हैं। यही नहीं, महंगे किराए के कारण कई महिलाएं छोटी-मोटी नौकरियां भी छोड़ने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें मिलने वाले वेतन का एक बड़ा हिस्सा आने-जाने पर ही खर्च हो जाता है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और एक निजी एजेंसी एमएससी (माइक्रोसेव कंसल्टिंग) के साझा अध्ययन में ये बातें सामने आई हैं।

अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, असुरक्षा की भावना और समय की पाबंदियों के कारण महिलाएं पुरुषों की तुलना में किराए पर सालाना 18,800 रुपये अधिक खर्च करती हैं। सार्वजनिक परिवहन की बजाय निजी वाहनों, टैक्सी या रिजर्व ऑटो आदि से यात्रा की वजह से उनका खर्च अपेक्षाकृत बढ़ जाता है।

इस वर्ष फरवरी से जून तक यह अध्ययन राज्य के सभी जिलों की शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की करीब पांच लाख महिलाओं के बीच रैंडम आधार पर किया गया। अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, जिन छह शहरों (पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा) में पिंक बस सेवा शुरू की गई है, वहां महिलाएं खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। पिंक बस का किराया कम रहने से महिलाओं के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। इन छह शहरों में पांच फीसदी महिलाओं का भय दूर हुआ है।

पुरुषों की तुलना में 37% कम यात्रा करती हैं महिलाएं
पुरुष जितनी बार यात्रा करते हैं, उसके मुकाबले महिलाओं की कुल आवाजाही 37 फीसदी कम होती है। इनमें से 82 फीसदी यात्राएं काम के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए होती हैं। इनमें घरेलू कामकाज, खरीदारी, बच्चों को स्कूल पहुंचाना और पारिवारिक मेल-मिलाप जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

महिलाओं के ऑटो-टैक्सी चलाने में परंपरा बाधक
महिलाओं के लिए ऑटो या टैक्सी का परिचालन सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं है। इसी वजह से पिंक बस सेवा के लिए महिला चालक नहीं मिल रही। जून में प्रियंका पांडेय नाम की चालक मिली। पांच महिलाओं को बस चलाने की ट्रेनिंग दी गई है।

आवागमन के दौरान हर चौथा व्यक्ति करता है महिलाओं का उत्पीड़न
यात्रा के दौरान महिलाओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। सार्वजनिक परिवहन में चार में एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में महिलाओं का उत्पीड़न करता है। मुजफ्फरपुर की महिलाएं अधिक असहज और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं।

परिवहन सुविधा की कमी, महंगे किराए और असुरक्षा बड़ी समस्या है। जहां पिंक बस सेवा शुरू है, वहां स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन अब भी 27 % महिलाएं असुरक्षा और महंगे किराए से पढ़ाई और नौकरी छोड़ने को मजबूर हैं। -सोनल जेटली, अध्ययनकर्ता, एमएससी

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