Tuesday, August 18, 2026
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चंद्रमा आज वृश्चिक में होंगे नीच, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

 ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, माता, मानसिक स्थिति और शीतलता का कारक ग्रह माना जाता है. चंद्रमा सबसे तेज गति से गोचर करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो दिन में अपनी राशि बदलते हैं. 18 अगस्त यानी आज रात चंद्रमा अपनी नीच राशि वृश्चिक में प्रवेश करने जा रहे हैं l  

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब चंद्रमा अपनी नीच राशि वृश्चिक में विराजमान होते हैं, तो वे कमजोर स्थिति में आ जाते हैं. इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को मानसिक तनाव, अनिर्णय की स्थिति और अचानक भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है. चंद्रमा के इस गोचर के दौरान मुख्यतः 3 राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और धैर्य बरतने की आवश्यकता होगी  l

मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर अष्टम भाव में होने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता है. किसी पुरानी बात या अज्ञात भय को लेकर मन में बेचैनी रह सकती है. कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में न लें. पेट या मौसमी बीमारियों से परेशानी हो सकती है. खान-पान का विशेष ध्यान रखें. वाहन चलाते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह के विवाद से दूरी बनाकर रखें l

मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों के लिए नीच का चंद्रमा छठे भाव यानी रोग, ऋण और शत्रु के भाव में रहेगा. दफ्तर में गुप्त शत्रु आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं. अपने काम से काम रखें और गॉसिप से बचें. अनावश्यक खर्चे आपका बजट बिगाड़ कर सकते हैं. इस समय किसी को भी धन उधार देने से बचें. मानसिक थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है. पर्याप्त नींद लें और खुद को तनावमुक्त रखें l  

वृश्चिक राशि (Scorpio)
चंद्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश कर नीच अवस्था में रहेंगे, जिससे इसका सीधा प्रभाव आपके मन और व्यवहार पर पड़ेगा. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या उदासी महसूस हो सकती है. संबंधों में वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी होगा. जीवनसाथी या परिवार के सदस्यों के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है. धैर्य और समझदारी से काम लें.कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा. कोई भी नया निवेश या व्यावसायिक समझौता इस गोचर के दौरान टालना बेहतर रहेगा l

विशेष उपाय
चंद्रमा के इस नीच प्रभाव को कम करने और मानसिक शांति के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं जल अर्पित करें. साथ ही सायंकाल के समय ऊं सोम सोमाय नमः या ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें l

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