जबलपुर
जबलपुर से मुंबई की यात्रा अब केवल 10 घंटे में पूरी होगी। इस मार्ग पर नई परियोजना से दोनों शहरों के बीच की दूरी में 200 किलोमीटर की कटौती होगी। लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक, यह नया गलियारा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक तथा यात्री यातायात को नई गति प्रदान करेगा।
यात्रा समय के समय में होगी बड़ी बचत
परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, जबलपुर से मुंबई जाने वाले वाहन चालकों को अब लंबी दूरी से राहत मिलेगी। मार्ग चालू होने पर यात्रा समय में आठ से 10 घंटे तक की बचत होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार, नया एक्सप्रेसवे डिजाइन भारी और हल्के वाहनों की गति बढ़ाएगा। इससे वाहन चालकों का ईंधन बचेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। निर्माण एजेंसी आधुनिक मानकों के अनुरूप सड़क तैयार कर रही है, ताकि तेज रफ्तार वाहनों को सुगम आवाजाही मिल सके।
प्रमुख शहरों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के मुताबिक, यह योजना केवल जबलपुर और मुंबई तक सीमित नहीं रहेगी। यह नया मार्ग इंदौर, खंडवा, नागपुर और अमरावती जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को भी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी से जोड़ेगा। इंदौर तथा खंडवा के व्यापारी महाराष्ट्र के बंदरगाहों तक आसानी से माल भेज सकेंगे। साथ ही, नागपुर और अमरावती के यात्रियों को भी भोपाल तथा जबलपुर की ओर आने-जाने के लिए एक सुगम और सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा नया बल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस गलियारे से मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र में नया औद्योगिक निवेश आने की उम्मीद है। जबलपुर के आसपास स्थित कृषि आधारित उद्योगों को मुंबई के विशाल बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लॉजिस्टिक्स लागत घटने से स्थानीय व्यापारी अपने उत्पाद अन्य राज्यों में प्रतिस्पर्धी दरों पर बेच सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने परियोजना के सभी चरण निर्धारित समय सीमा में पूरे करने का लक्ष्य रखा है।




