Monday, August 17, 2026
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बकरी बाजार में बृहदेश्वर मंदिर, मेन रोड में द्वारका का प्रारूप; रांची में दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू

 रांची
 दुर्गापूजा को लेकर शहर में तैयारी शुरू हो गई है। बांस-बल्ली से प्रारूप को आकार दिया जा रहा है। इस बार बकरी बाजार (भारतीय युवक संघ) में दुर्गा पूजा में तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की भव्य झलक देखने को मिलेगी, जबकि पिछले साल 2025 में यहां कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण हुआ था।

अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि हर साल बकरी बाजार भव्य प्रारूप का निर्माण करता है। लाखों लोग देखने के लिए आते हैं। इस बार भी मंदिर का प्रारूप देख अचंभित होंगे। इसी तरह स्टेशन रोड में भक्त वामन अवतार के जीवंत प्रसंग को देखेंगे।

मुनचुन राय ने बताया कि यहां भी बांस-बल्ली से निर्माण चल रहा है। इसके बाद आगे का काम शुरू होगा। बीच-बीच में बारिश से थोड़ा काम बाधित हो रहा है, लेकिन अभी समय है और तैयारी चल रही है। जिला स्कूल में एक दो दिन में निर्माण काम शुरू हो जाएगा। अशोक चौधरी ने बताया कि काम जल्द शुरू होगा।

वहीं, मेनरोड चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति का भी भूमि पूजन हो गया है। इस बार श्रद्धालु यहां गुजरात के प्रसिद्ध मंदिर द्वारका का प्रारूप का दर्शन करेंगे। अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिर का प्रारूप भी भव्य बनेगा। जल्द काम शुरू होगा। दुर्गाबाड़ी, देशप्रिय क्लब, बंगला मंडप में पारंपरिक बांग्ला पद्धति से अनुष्ठान होगा।

दुर्गाबाड़ी में महालया से ही अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएगा। रांची शहर में करीब डेढ़ सौ पूजा पंडाल का निर्माण होता है। इनमें एक दर्जन से ऊपर विशाल पंडाल बनाए जाते हैं। पं नागेश मिश्र ने बताया कि इस बार मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर प्रस्थान करेंगी। इससे उथल-पुथल होगा। 11 से नवरात्र प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि दशमी 20 अक्टूबर को भी हो सकता है।

28 अगस्त: रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार है। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई रक्षा का वचन और उपहार देते हैं।

17 सितंबर: देवताओं के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है। कारखानों, दफ्तरों और कार्यस्थलों पर मशीनों व औजारों की पूजा होती है। कारीगर, इंजीनियर और श्रमिक अपने उपकरणों का सम्मान करते हैं।

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