Monday, August 17, 2026
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रेरा की तर्ज पर ग्रामीण इलाकों में लागू होंगे नियम, बिल्डरों पर 70% फंड और 5 साल की जिम्मेदारी तय

 हरेक
गांवों में बहुमंजिला मकान बनाने के लिए जिला स्तर से नक्शा पास होगा। हरेक जिले में डीडीसी (उप विकास आयुक्त) की अध्यक्षता वाली कमेटी विभिन्न कसौटियों पर आकलन कर नक्शा पारित कर मकान और अपार्टमेंट बनाने की अनुमति देगी। इस संबंध में पंचायती राज विभाग नियमावली तैयार करा रहा है। बीते विधानमंडल सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पारित हो चुका है। नियमावली तैयार होने के बाद विधि विभाग और फिर कैबिनेट से मंजूरी ली जायेगी। इससे संबंधित गजट प्रकाशन की तिथि से ही यह प्रावधान लागू हो जायेगा।

उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक गांवों में बहुमंजिला मकान बनाने के लिए नियमावली लागू हो जायेगी। रेरा (रियल एस्टेट विनिमय और विकास अधिनियम) की तर्ज पर ही कमेटी होगी। ग्रामीण इलाकों में मकान का नक्शा पास कराने के लिए जिला स्तर पर डीडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य अभियंता के साथ ही विधि और राजस्व से जुड़े अधिकारी भी होंगे।
यह प्रावधान होगा

बिल्डरों को प्रोजेक्ट्स रजिस्टर करने (500 वर्गमीटर से अधिक) पर खरीदार के पैसे का 70% अलग खाते में रखने और समय पर कब्जा देने के लिए बाध्य करेगा। जमा कराये गये 70% फंड का भी इस्तेमाल सिर्फ उसी प्रोजेक्ट के निर्माण में किया जा सकेगा। खरीदारों को समय पर कब्जा नहीं देने की स्थिति या देरी होने पर उन्हें ब्याज सहित हर्जाना देना पड़ सकता है। बनने वाली संस्था में बिल्डर को प्रोजेक्ट का लेआउट, योजना, सरकारी मंजूरी और काम की प्रगति की जानकारी साझा करनी होगी।

पांच साल तक निर्माण दोष ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी
पांच साल तक निर्माण दोषों को ठीक करने की जिम्मेदारी भी बिल्डर पर होगा। 5 साल के भीतर कोई भी दोषपूर्ण निर्माण या संरचनात्मक कमी मिलने पर बिल्डर को उसे मुफ्त में ठीक करना होगा। खरीदार संबंधित संस्था के पास बिल्डर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिकायत का निबटारा भी तेजी से होगा। इसमें निर्माण का संपूर्ण एरिया (बिल्डप एरिया) और वास्तविक जगह (कॉरपेट एरिया) भी स्पष्ट रहेगा, ताकि बिल्डर धोखे से खरीदारों से ज्यादा कीमत नहीं वसूल सकें। दो मंजिला बनाने के लिए नक्शा पास नहीं कराना होगा: 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्र में बनने वाले भवन पर यह नियम लागू नहीं होगा। ग्रामीण इलाकों में ग्राउंड फ्लोर से लेकर दोमंजिला मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी।

जरूरत क्यों
अभी शहरों से सटे ग्रामीण इलाके में बनने वाली बहुमंजिला मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने की मजबूरी नहीं है। शहर से सटे गांवों में शहरों का विस्तार हो रहा है। ऐसे में रेरा की तर्ज पर एक संस्था बना कर नक्शा पास कराने का प्रावधान करने की जरूरत हो गई है। ताकि, गांवों में कम चौड़ी सड़कों पर बेतरतीब तरीके से बहुमंजिली इमारत नहीं बना लें। आम लोगों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी हो गया है। पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में बहुमंजिली इमारत बनाने के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर ही इसके लिए अनुमति मिल जायेगी। कैसे क्या प्रावधान होगा, इसकी नियमावली बनायी जा रही है। इस साल के अंत तक इसे लागू करने की तैयारी है।

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