Friday, August 14, 2026
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टोंक निकाय चुनाव में बदलेगा सियासी गणित, वार्ड आरक्षण से बढ़ी नेताओं की हलचल

 टोंक
टोंक जिले में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजने वाला है। जल्द ही राज्य चुनाव आयोग की ओर से आचार संहिता लागू कर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि 20 अगस्त के बाद चुनाव की तिथि का एलान कर दिया जाएगा। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से इस बारे में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इधर, विभाग की ओर से जिले में निकायवार वार्डों के आरक्षण संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। अब सिर्फ नगर निकाय के वार्ड की आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।

निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच टोंक की सियासत में पुराने चुनावी आंकड़े एक बार फिर चर्चा में हैं। आगामी चुनाव में जिला प्रमुख का पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब जिले की सियासी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पांचवीं बार जिला प्रमुख की कुर्सी किस महिला के सिर सजेगी। इससे पहले टोंक में सरोज बंसल, कंचन देवी जैन, सरोज गुर्जर और कल्ली देवी जिला प्रमुख रह चुकी हैं।

प्रशासन की तैयारियां जारी
नगर निकायों में वार्डवार आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जाएगी। इसकी तैयारियों में प्रशासन जुटा हुआ है। नगर परिषद टोंक में 60 वार्ड के लिए मतदान होगा। वर्ष 2019 में हुए नगर परिषद के चुनाव में भी इतने ही वार्डों के लिए मतदान हुआ था। वहीं, चेयरमैन का पद भी पिछली बार ही तरह ही अनारक्षित रखा गया है।

जिला परिषद में भाजपा ने पलटा था समीकरण
दिसंबर 2020 में हुए जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने जिला प्रमुख पद पर जीत दर्ज की थी। जिला परिषद के कुल 25 सदस्यों में भाजपा को 14 और कांग्रेस को 11 वोट मिले थे। खास बात यह रही कि कांग्रेस को भाजपा के एक सदस्य का वोट मिला था। वहीं, जिला परिषद के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में 10 सीटें आई थी। इसके बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव में एक भाजपा सदस्य का क्रॉस वोट चर्चा का विषय बना था।

2019 में बोर्ड और सभापति कांग्रेस का
वर्ष 2019 में हुए टोंक नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 27 वार्डों में जीत दर्ज की थी। भाजपा के 23 पार्षद चुने गए, जबकि 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की थी। कुल 60 वार्डों वाली परिषद में सभापति पद के चुनाव के दौरान सियासी समीकरण और दिलचस्प हो गए थे। सभापति के मतदान में कांग्रेस के अली अहमद को 36 वोट मिले, जबकि भाजपा की लक्ष्मी जैन को 24 वोट मिले थे। इस तरह कांग्रेस ने सभापति की कुर्सी पर कब्जा जमाया था।

अब आरक्षण ने फिर बदल दिया सियासी गणित
आगामी चुनाव में जिला प्रमुख पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने से पुराने राजनीतिक समीकरणों के साथ नए चेहरे भी चर्चा में आ गए हैं। अब प्रमुख दलों में ऐसी महिला दावेदारों की तलाश शुरू होगी, जिनके पास राजनीतिक अनुभव के साथ चुनाव जीतने की क्षमता और संगठन में मजबूत पकड़ हो।

इन वर्गों के बनेंगे चेयरमैन
नगर निकाय             चेयरमैन पद की सीट
टोंक                           अनारक्षित
निवाई                        अनारक्षित
मालपुरा                     अनारक्षित
टोडारायसिंह              अनारक्षित
उनियारा                     अनारक्षित
डिग्गी                         अनारक्षित
लाम्बाहरिसिंह              अनारक्षित महिला
पीपलू                         एससी
देवली                          एससी
दूनी                        एससी महिला

पंचायत व नगर निकाय चुनाव की तैयारियां जारी हैं। वार्डवार आरक्षण की लॉटरी 17 या 18 अगस्त को निकाली जाएगी। चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होते ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
-विनोद कुमार मीना, अतिरिक्त जिला कलक्टर टोंक

पंचायत व निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की ओर से गांव-गांव और शहरों में तैयारियां की जा रही हैं। अब प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया जाएगा।
-सउद सईदी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस टोंक

भाजपा ने टोंक जिले में नगर निकाय और पंचायतराज चुनाव की पूरी तैयारियां कर ली हैं। जल्द ही प्रत्याशियों को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।
-चंद्रवीर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा टोंक

 

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