Friday, August 14, 2026
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बिहार में शराबबंदी कानून नहीं बदलेगा, अवैध शराब बनाने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

पटना
बिहार में शराबबंदी पर उठ रहे सवालों के बीच सम्राट चौधरी सरकार और सख्त हो गई है। राज्य में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिस ब्रांड की शराब जब्त की जाएगी, उसे बनाने वाली कंपनी पर भी केस किया जाएगा। इस संबंध में मद्य निषेध अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून में किसी तरह का संशोधन नहीं होने वाला है।

मंत्री ने कहा कि बिहार में यदि किसी कंपनी की विदेशी शराब जब्त होती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उस कंपनी के मालिक को मुकदमे में घसीटा जाएगा। मदन सहनी ने कहा कि इसकी शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में पटना में शराब की खेप पकड़ी गई थी, उसमें कंपनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई।

पटना स्थित जदयू कार्यालय में गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान मदन सहनी ने कहा कि शराब की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। कानून तोड़ने वाला कोई भी व्यक्ति हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शराबबंदी कानून की समीक्षा की जरूरत नहीं

बिहार में शराबबंदी कानून पर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने साफ किया है कि इसमें किसी तरह के बदलाव या समीक्षा की अभी जरूरत नहीं है। मद्य निषेध मंत्री के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जा रही है। पिछले महीने ही समीक्षा की गई।

जदयू कार्यालय में प्रेस वार्ता करते मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी
उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल से बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेहतर ढंग से इसे लागू किया था। इसमें पूरे बिहार के लोगों के हित को ध्यान में रखा गया। उनकी मंशा थी कि परिवार में रहने वाली महिलाओं, दलित, आदिवासी और अति पिछड़ा वर्ग के लोगों का भला हो सके। मंत्री ने दावा किया कि सरकार को इसमें बहुत हद तक सफलता भी मिली है।

मदन सहनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिहाड़ी कमाने वाले लोग पहले अपनी कमाई का आधा से ज्यादा हिस्सा नशे में खर्च कर देते थे। वे घर खाली हाथ लौटते थे। शराबबंदी कानून लागू होने के बाद ऐसे परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

शराब जब्ती में तेजी आई- मंत्री
उन्होंने दावा किया कि अवैध शराब की जब्ती के काम में लगातार तेजी आ रही है। पिछली बार के मुकाबले इस साल ज्यादा मात्रा में शराब जब्त की गई। सूखे नशे के खिलाफ भी लगातार छापेमारी की जा रही है।

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