Tuesday, August 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़माओवादी नेटवर्क को विस्फोटक सप्लाई करने वालों पर कसा शिकंजा, पति-पत्नी समेत...

माओवादी नेटवर्क को विस्फोटक सप्लाई करने वालों पर कसा शिकंजा, पति-पत्नी समेत तीन को सजा

रायपुर

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने की साजिश के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायालय एनआई एक्ट, नारायणपुर ने रवि मरकाम, उसकी पत्नी चमेली बाई और कोसरू वड्डे को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की प्रारंभिक कार्रवाई नारायणपुर पुलिस ने की थी, जबकि आगे की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), रायपुर ने की।
जड़ी-बूटी बेचने की आड़ में रखी थी विस्फोटक सामग्री

मामला 19 मार्च 2024 का है। नारायणपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में कुछ संदिग्ध लोग जड़ी-बूटी बेचने के नाम पर विस्फोटक सामग्री से भरी गठरियां लेकर पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल तारागांव में दबिश दी। पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को पकड़ा। उनके पास रखी गठरियों की तलाशी लेने पर पोटेशियम नाइट्रेट, कार्डेक्स वायर और डेटोनेटर समेत अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

पकड़े गए दोनों की पहचान रवि मरकाम (45) और उसकी पत्नी चमेली बाई (35), निवासी मध्य प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि विस्फोटक सामग्री को माओवादियों तक पहुंचाने के लिए रखा गया था।
जांच में तीसरे आरोपित की भूमिका सामने आई

मामले की जांच आगे बढ़ने पर कोसरू वड्डे (39), निवासी ओरछा की भूमिका भी सामने आई। उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह माओवादियों तक विस्फोटक पहुंचाने की साजिश में पति-पत्नी समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए। नारायणपुर पुलिस ने अपराध दर्ज करने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), रायपुर को सौंप दी।
पूर्व बस्तर डिवीजन के माओवादी सप्लायरों तक पहुंचाना था विस्फोटक

SIA की जांच में सामने आया कि आरोपितों के पास से बरामद विस्फोटक सामग्री को पूर्व बस्तर डिवीजन भाकपा माओवादी के सप्लायर नेटवर्क और अन्य माओवादी सदस्यों तक पहुंचाया जाना था। आरोपित विस्फोटक सामग्री की सप्लाई की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही नारायणपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान SIA ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और तीनों आरोपितों की भूमिका स्पष्ट करते हुए विशेष न्यायालय एनआई एक्ट, नारायणपुर में अभियोग पत्र पेश किया।

साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने ठहराया दोषी

अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 और विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
छह धाराओं में सजा

– धारा 4, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।

– धारा 5, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।

– धारा 10(1), विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967: 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।

– धारा 13(1): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।

– धारा 38(2): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।

– धारा 39(2): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments