Monday, August 10, 2026
Google search engine
Homeविदेशईरान युद्ध से कमजोर हुआ अमेरिकी एयर डिफेंस, हथियार उत्पादन बढ़ाने में...

ईरान युद्ध से कमजोर हुआ अमेरिकी एयर डिफेंस, हथियार उत्पादन बढ़ाने में जुटा पेंटागन

वॉशिंगटन
पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) देश की डिफेंस इंडस्ट्री पर हथियारों का प्रोडक्शन तेज करने का दबाव डाल रहा है। कंपनियों से प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है ताकि गोला-बारूद और दूसरे हथियारों के तेजी से कम हुए स्टॉक को भरा जा सके। इसमें ईरान के साथ चल रही लड़ाई में इस्तेमाल हुए हथियार भी शामिल हैं। पेंटागन की यह कोशिश ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव की चर्चा है।

पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने शनिवार को कहा कि विभाग गोला-बारूद की खरीद बढ़ाने पर काम कर रहा है ताकि हमारे सैनिकों को जरूरत के हिसाब से हथियार मिल सकें। उन्होंने इस प्रक्रिया को तेज करने के विभाग के प्रयासों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह आधुनिकीकरण के उस प्रयास का हिस्सा है, जो पांच महीने पुराने संघर्ष (ईरान युद्ध) से पहले ही शुरू हो गया था।

हथियार कंपनियों पर दबाव
द वॉशिंगटन पोस्ट को मिले एक मेमो के अनुसार, डिप्टी डिफेंस सेक्रेटरी स्टीव फीनबर्ग ने बुधवार को इंडस्ट्री के नेताओं को पत्र लिखकर उन्हें 21 दिन से ज्यादा का समय नहीं दिया है। इसी दौरान उनको महत्वपूर्ण क्षमताओं के लिए डिलीवरी शेड्यूल को काफी तेज और आक्रामक बनाने या प्रोडक्शन बढ़ाने की योजनाएं जमा करनी हैं
फीनबर्ग ने लिखा, सालों तक चलने वाले डेवलपमेंट साइकल स्वीकार्य नहीं हैं। हमें अपने प्रोग्राम शेड्यूल को तेज करते हुए प्रोडक्शन क्षमता बढ़ानी होगी। यह मेमो ऐसे समय में आया है, जब ईरान के साथ लड़ाई में अमेरिकी सेना के एडवांस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक कम हो गया है। लड़ाई फिर शुरू होने पर अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

अमेरिका पर एयर डिफेंस की कमी
वॉशिंगटन के थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, पैट्रियट और THAAD इंटरसेप्टर का स्टॉक कम होने से अमेरिका और खाड़ी के उसके सहयोगी देशों को एयर डिफेंस सिस्टम को बचाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है। अमेरिकी सेना अगर ईरान के ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ कम मिसाइलें लॉन्च करेगी तो हमले की संभावना बढ़ेगी।

CSIS के पिछले महीने के एक अनुमान के मुताबिक, युद्ध से पहले अमेरिका की पैट्रियट इंटरसेप्टर की संख्या 2,330 थी। यह अप्रैल में सीजफायर लागू होने के समय घटकर 1,030 रह गई थी। हाल की लड़ाई के बाद अब इनका स्टॉक 759 से 827 के बीच होने का अनुमान है। यह संख्या संघर्ष शुरू होने से पहले की तुलना में कम से कम 65% घट गई है।

CSIS ने बताया कि THAAD इंटरसेप्टर की संख्या युद्ध से पहले 452 थी, जो अप्रैल में सीजफायर की शुरुआत में घटकर 232 से 262 के बीच रह गई थी। अमेरिका कुछ इन्वेंट्री को फिर से भरकर इंटरसेप्टर की संख्या 234 से 278 के बीच करने में कामयाब रहा। इसके बावजूद यह स्टॉक संघर्ष से पहले की तुलना में 38 प्रतिशत कम है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments