पटना
बिहार मे कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में अब स्पीडी ट्रायल होगाा। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि डेहरी के ईओ विमल कुमार की हत्या के मामले में जिला प्रशासन को स्पीडी ट्रायल का निर्देश दिया गया है। सीएम ने बुधवार को ट्वीट कर जानकारी दी है कि ईओ विमल कुमार की मृत्यु से संबंधित प्रकरण में उनकी पत्नी बबिता कुमारी ने लोकसेवक आवास पर मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि न्याय हर हाल में मिलेगा। साथ ही जिला प्रशासन को स्पीडी ट्रायल का निर्देश दिया है। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई होगी। सीएम से मुलाकात के दौरान बबिता कुमारी ने हत्या की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की। जीवन निर्वहन के लिए दो करोड़ राशि, राजपत्रित कर्मचारी के रूप में सरकारी नौकरी और परिवार को सुरक्षा की मांग की। मुलाकात के दौरान सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव उनके साथ रहे।
बता दें कि बिहार के औरंगाबाद जिले में देहरी से पटना जाते समय नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी की उनके कार चालक ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार शाम बरुण थानाक्षेत्र के धनौती पुल के पास हुई। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में उनके ड्राइवर को पकड़ा गया है।
पुलिस ने बताया कि चालक ने शुरुआत में दावा किया था कि अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर हमला किया था। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने रविवार को पत्रकारों से कहा, “कार्यपालक अधिकारी कार से पटना जा रहे थे, तभी पुलिस को चालक से सूचना मिली कि अज्ञात अपराधियों ने अधिकारी की पिटाई की है। अस्पताल ले जाते समय अधिकारी की मौत हो गई। हालांकि, पूछताछ के दौरान चालक बार बार बयान बदलता रहा, जिससे उस पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने लोहे की रॉड से हमला कर अधिकारी की हत्या की।”
तेजस्वी यादव ने उठाए थे सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस कि भूमिका पर सवाल उठाये और कहा कि जांच की निष्पक्षता संदेह के दायरे में है तथा रसूखदार दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा था कि इस मामले में परिजनों की शिकायत के बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबधन (राजग) के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)के विधायक सोनू सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
उन्होंने कहा था कि उस क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक(आईजी) ने जल्दबाजी में अधिकारी के ड्राईवर को दोषी ठहरा दिया है, लेकिन जिस बुरी तरह से उनकी हत्या की गयी है, उससे प्रतीत होता है कि यह किसी एक आदमी का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले प्रदेश के एक अन्य कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या हुई थी और अब यह दूसरी हत्या इस बात को साबित करती है कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद प्रदेश के सरकारी अधिकारियों में भय का माहौल पैदा हो गया है।




