Sunday, August 2, 2026
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शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों में बैठक से सुधरेगी व्यवस्थाएं और परिणाम

जयपुर
राजस्थान के सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, भौतिक सुविधाओं और विद्यालय संचालन को बेहतर बनाने के लिए अब हर माह स्टाफ की बैठक अनिवार्य कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार संस्था प्रधान और स्टाफ के बीच निरंतर संवाद और बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है।

शिक्षा विभाग के आदेशानुसार बैठक प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस को अनिवार्य रूप से होगी। बैठक के लिए समय निकालने के लिए प्रत्येक शिक्षण कालांश में से पांच-पांच मिनट की कटौती होगी। इस प्रकार समायोजित किए गए 40 मिनट के समय में, आठवें कालांश के बाद यह बैठक होगी। आठवें कालांश की समाप्ति के बाद सभी विद्यार्थियों को विद्यालय से प्रस्थान के लिए मुक्त कर दिया जाएगा।

प्रभारी की होगी नियुक्ति और बनेगा कार्यवाही रजिस्टर
पारस्परिक विमर्श और योजना निर्माण को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने निर्देश दिए हैं। संस्था प्रधान की ओर से राजस्थान के सरकारी विद्यालय स्टाफ में से किसी एक सदस्य को स्टाफ मीटिंग का प्रभारी नामित किया जाएगा। इस प्रभारी का कार्य संस्था प्रधान से विमर्श करके बैठक का समसामयिक एजेंडा तैयार करना होगा। बैठक का रिकॉर्ड रखने के लिए एक कार्यवाही रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया है। इससे उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर, विचार-विमर्श और पारित प्रस्तावों का विस्तृत उल्लेख होगा। बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा अगली बैठक में भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तय कार्य समय पर पूरे हुए हैं या नहीं। साथ ही आवश्यक सुधारात्मक सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता संस्था प्रधान करेंगे, जबकि उनके अवकाश पर होने की स्थिति में विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

महत्वपूर्ण बिंदुओं पर होगी चर्चा
मासिक बैठक को परिणामोन्मुख बनाने के लिए कुछ स्थाई महत्व के एजेंडा बिंदु निर्धारित किए हैं। विद्यालय विकास योजना के निर्धारित मासिक लक्ष्यों की प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति की कार्ययोजना। एसएमसी व एसडीएमसी की बैठकों में पारित प्रस्तावों और निर्णयों की पालना। आगामी माह में आयोजित होने वाले उत्सवों जैसे प्रवेशोत्सव, वार्षिकोत्सव, सखा संगम, खेलकूद आदि की पूर्व तैयारी। परख, परीक्षा और यूनिट टेस्ट के परिणामों की समीक्षा तथा परीक्षा परिणाम सुधारने की कार्ययोजना। साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक उपलब्धियों और विद्यालय की आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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