लखनऊ
स्वतंत्रता दिवस पर इस बार प्रदेश में राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश सरकार के ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान के तहत 15 अगस्त को सभी जिलों में ''वंदे मातरम् वाटिका'' स्थापित की जाएंगी।
इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रत्येक जिले में एक चयनित स्थान पर 150 पौधों का रोपण किया जाएगा, जो राष्ट्रगीत ''वंदे मातरम्'' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रकृति को समर्पित श्रद्धांजलि होगी।
वन विभाग प्रत्येक जिले में एक नई ''वंदे मातरम् वाटिका'' विकसित करेगा। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप छायादार, फलदार और पर्यावरण संरक्षण में उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी, ताकि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर स्थायी हरित धरोहर का रूप ले सके।
इस विशेष अभियान में आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। पौधारोपण कार्यक्रम में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, वंदे मातरम् फाउंडेशन एवं ट्रस्ट, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सरकारी विभाग सहभागी बनेंगे। अभियान का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें पौधों के संरक्षण से भी जोड़ना है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सामाजिक वानिकी दीपक कुमार कहते हैं कि ''वंदे मातरम् वाटिका'' प्रदेश में चल रहे ''एक पेड़ मां के नाम'' महाअभियान की महत्वपूर्ण कड़ी होगी। यह पहल आजादी के अमृत संदेश को हरियाली से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
स्वतंत्रता दिवस पर लगाए जाने वाले पौधे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देंगे। यही वजह है कि इस बार 15 अगस्त का पौधारोपण कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा व्यापक हरित अभियान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।




