Saturday, June 6, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डझारखंड में बढ़ा बालू माफिया नेटवर्क, पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं...

झारखंड में बढ़ा बालू माफिया नेटवर्क, पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं जारी

रांची

रांची में अवैध बालू कारोबार करने वाले माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पुलिस जब भी अवैध बालू लदे वाहनों को रोकने की कोशिश करती है, तस्कर पुलिस टीम पर ही हमला करने से नहीं हिचकते।

कई मामलों में पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया, जबकि कुछ घटनाओं में जवान और अधिकारी घायल भी हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जून 2025 में नामकुम थाना क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई थी।

पुलिस टीम ने जांच के दौरान बालू लदे वाहन को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन नहीं रोका और सीधे पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। घटना में नामकुम थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनके बॉडीगार्ड घायल हो गए थे।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध बालू ढुलाई पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। इसी तरह जून 2025 में ही केतारी बगान इलाके में एएसआई गुरूचरण पंडित ने बालू लदे टर्बो वाहन को रोकने का प्रयास किया था।

आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर एएसआई को कुचलने की कोशिश की। किसी तरह पुलिसकर्मी ने खुद को बचाया, लेकिन तस्कर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस ने छापेमारी भी की, लेकिन चालक पकड़ में नहीं आया।

धुर्वा और रातू में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने का हुआ था प्रयास
धुर्वा थाना क्षेत्र में भी गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बालू लदे वाहन को रोकने की कोशिश की थी। वाहन चालक ने भागने के दौरान पुलिस की गाड़ी में टक्कर मार दी। इस घटना में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं रातू इलाके में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने के प्रयास की घटना सामने आ चुकी है।

बालू माफिया चालकों को देते हैं आदेश नहीं रुकनी चाहिए गाड़ी
बालू माफिया चालकों को स्पष्ट आदेश देते हैं कि किसी हाल में गाड़ी नहीं रुकनी चाहिए। कोई भी गाड़ी रोके तो गाड़ी को चढ़ा दें। अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोग रात के समय सक्रिय रहते हैं।

नदी घाटों से बालू निकालकर विभिन्न इलाकों में सप्लाई की जाती है। कई तस्कर तेज रफ्तार और दबंगई के बल पर कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments