Tuesday, July 28, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट, ₹257 करोड़ से जालंधर–होशियारपुर हाईवे और...

पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट, ₹257 करोड़ से जालंधर–होशियारपुर हाईवे और आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना तेज

चंडीगढ़
 जालंधर–होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 3), जिसे आमतौर पर आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना के नाम से भी जाना जाता है, के लंबे समय से रुके विकास कार्य को दोबारा गति देने की दिशा में पंजाब सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग के किलोमीटर 11.400 से 29.200 तक शेष 4-लेन सड़क एवं पक्के शोल्डर के निर्माण कार्य के लिए 257.32 करोड़ की लागत का विस्तृत अनुमान (डिटेल्ड एस्टीमेट) स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग सर्किल, अमृतसर के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) द्वारा तैयार कर पंजाब सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है।

मंजूरी देकर जल्द शुरू कराने की मांग की 
इस संबंध में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू ने पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जून के पहले सप्ताह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनहित को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देकर जल्द शुरू कराने की मांग की थी।

पवन टीनू ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देकर लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगी। इस परियोजना के पूरा होने से जालंधर और होशियारपुर के बीच यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। इसके साथ ही सड़क अवसंरचना मजबूत होने से औद्योगिक, व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

क्षेत्र की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा
आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू किया गया था, लेकिन वर्ष 2020 में यह पूरी तरह बंद हो गया। निर्माण कार्य रुकने के बाद सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि हो गई, जिसके चलते ठेकेदार ने पुराने रेट पर काम जारी रखने से इन्कार कर दिया। जिसके कारण यह विकास कार्य लगातार विलंब का शिकार होता रहा और क्षेत्र की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

आदमपुर की रणनीतिक महत्ता भी है क्योंकि यहां भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थित है, जहां से देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े अभियान संचालित किए जाते हैं। आदमपुर में एयरपोर्ट भी संचालित है, जहां से बड़ी संख्या में लोग हवाई यात्रा करते हैं।

टीनू ने बताया कि परियोजना बंद होने के अगले ही दिन 30 जुलाई 2025 को वे तीन अन्य सांसदों के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे। इस दौरान उन्होंने आदमपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की जोरदार मांग उठाई। पवन टीनू ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार द्वारा भेजे गए 257.32 करोड़ के विस्तृत अनुमान को केंद्र सरकार शीघ्र मंजूरी देगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments