Tuesday, July 14, 2026
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डिजिटल तकनीक, आधार प्रमाणीकरण और ई-पीओएस मशीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत प्रदेश सरकार करोड़ों जरूरतमंद परिवारों तक हर महीने मुफ्त राशन पहुंचाकर उनके जीवन को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीक आधारित निगरानी और समयबद्ध वितरण के कारण उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यापक स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित हो रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़े भी इस व्यवस्था की व्यापकता को दर्शाते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के प्रयागराज जिले में सबसे अधिक 42.10 लाख से अधिक लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद जौनपुर में 34.93 लाख से अधिक, सीतापुर में 34.05 से अधिक लाख, आजमगढ़ में 33.41 लाख से अधिक, बरेली में 31.69 लाख से अधिक, हरदोई में 31.32 लाख से अधिक, लखीमपुर खीरी में 31.18 लाख से अधिक, गोरखपुर में 31.03 लाख से अधिक, आगरा में 30.68 लाख से अधिक तथा लखनऊ में 30.10 लाख से अधिक लाभार्थियों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। इन दस जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जो प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के मजबूत नेटवर्क को दर्शाता है।

लाभार्थियों तक समय पर पहुंच रहा खाद्यान्न

योगी सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया है। ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाई है। इससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच रहा है और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। यही कारण है कि राशन वितरण प्रणाली पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

राशन वितरण व्यवस्था मजबूत

प्रदेश सरकार की नीतियों का केंद्र गरीब, श्रमिक, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार हैं। खाद्य सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए योगी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी पात्र परिवार को खाद्यान्न के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

बिना भेदभाव मिल रहा योजना का लाभ

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार भूखा न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। इसी उद्देश्य से राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र लाभार्थी को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो, जिससे गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा मजबूत हो और उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता एवं सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।

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