Saturday, July 11, 2026
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राजनाथ-गडकरी करेंगे लोकार्पण, 14 जुलाई से खुलेगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे

लखनऊ
 लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन 14 जुलाई की सुबह आठ बजे से शुरू कर दिया जाएगा।

लखनऊ के सांसद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। उन्नाव से लोकार्पण से बाद राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर यात्रा भी करेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे पर भले ही यात्रियों के लिए 15 दिन तक टोल फ्री था, लेकिन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ऐसा नहीं होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 14 जुलाई की सुबह आठ बजे से सभी टोल खोलने के साथ ही प्रवेश व निकास द्वारा वाले गेट भी वाहनों के लिए खोल देगा।

63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एक्सप्रेसवे पर चार बड़े और 25 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसमें चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास व हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास शामिल हैं। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। दावा है कि लखनऊ से कानपुर का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा होगा। यात्रियों के समय में 60 फीसदी तक की बचत होगी।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि 14 जुलाई से ही टोल को वाहन चालकों से वसूला जाएगा। टोल पर वार्षिक फास्टैग धारक 15 रुपये में लखनऊ से कानपुर के बीच सफर कर सकेंगे। एनएचएआई तीन माह तक स्वयं टोल का संचालन करेगा। संचालन करने के दौरान देखेगा कि वाहनों का फुटफाल एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन कितना है। इससे किस टोल पर कितना राजस्व आ रहा है। किस टोल से ज्यादा लोग गुजरते हैं।

दैनिक यात्रियों के लिए पास की सुविधा के लिए कितने आवेदन आते हैं। इसके बाद टोल का टेंडर निकालकर टोल वसूलने का काम किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर पहले पांच टोल थे लेकिन आउटर रिंग रोड से कनेक्ट होने वाले टोल से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। सिर्फ चार टोल से टोल टैक्स लिया जाएगा।

टोल पार करने से पहले भारी वाहनों का होगा वजन
टोल से पहले एनएचएआई ने वेइंग मशीन लगा रखी है। टोल पार करने से पहले ट्रकों को वेइंग मशीन पर तौला जाएगा। मानक से अधिक वजन होने पर टोल पर अधिक दरें वसूल की जाएंगी। यह व्यवस्था 14 जुलाई से ही लागू होगी। यही नहीं ऐसे वाहनों का ब्योरा भी प्राधिकरण एकत्रित करेगा। परिवहन विभाग अगर इसकी जानकारी मांगता है तो एनएचआई उपलब्ध कराएगा। इससे परमिट से अधिक भाड़ा लोड करने वालों पर कार्रवाई संबंधित विभाग करेगा।

एक्सप्रेसवे की संरचना और पहुंच
इस एक्सप्रेसवे का लाभ सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर के लोगों को भी मिलेगा। इन जिलों से लखनऊ आने वाले यात्री उन्नाव, कानपुर जाने के लिए आउटर रिंग रोड के जरिये बनी पहुंचेंगे। वहां से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़कर जाम से बच सकेंगे। शहीदपथ से कानपुर रोड आने वाले लोग एलिवेटेड रोड से बनी पहुंचेंगे। वहां से भी सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जा सकेगा।

दो चरणों में बना है एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे को स्कूटर इंडिया से बनी और बनी से शुक्लागंज के बीच दो चरणों में बनाया गया है। यह उन्नाव के शुक्लागंज में उतरेगा, जहां से गंगापुल पार कर जाजमऊ जाना होगा। वर्ष 2028 तक कानपुर रिंग रोड तैयार हो जाएगी। इसके बाद लखनऊ आउटर रिंग रोड से एक्सप्रेसवे होते हुए कानपुर रिंग रोड तक यात्री पहुंच सकेंगे।

15 मिनट में मिलेगी घायलों को मदद
एक्सप्रेसवे पर हादसों की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाएगी। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के लिए एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाए गए हैं, जो तत्काल चालान की कार्रवाई के लिए विवरण भेजेंगे। एक्सप्रेसवे का हर इंच सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके लिए 63 पीटीजेड सीसीटीवी और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम हादसा होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे रेस्क्यू टीम भेजी जा सकेगी। एक कंट्रोल सेंटर से पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाएगी।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे टोल रेट
कार, जीप, एसयूवी : ₹275 (एक तरफ), ₹415 (24 घंटे के अंदर वापसी)
हल्की कमर्शियल वाहन: ₹445 (एक तरफ), ₹670 (वापसी)
बस और ट्रक: ₹935 (एक तरफ), ₹1405 (वापसी)
भारी वाहन : ₹1020 (एक तरफ), ₹1530 (वापसी)।

 

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