Monday, July 27, 2026
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पेपर लीक पर सख्ती! अब प्लेन से उड़कर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेगा NEET का प्रश्नपत्र

नई दिल्ली

सरकार अब नीट-यूजी दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए भारतीय वायुसेना यानी आईएएफ की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस मुद्दे पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परिवहन और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर इस बात पर विचार किया गया कि क्या पेपर ट्रांसपोर्ट के लिए वायुसेना के विमान इस्तेमाल किए जा सकते हैं ताकि लीक या छेड़छाड़ की कोई संभावना न रहे।

हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरी योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें हर स्तर की जानकारी दी जा रही है।

पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट
इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी खुद NEET री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। 

सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे। 

कैसे शुरू हुआ विवाद?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए, जिसके बाद मामला बढ़ता गया. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. फिलहाल इस मामले की जांच CBI कर रही है। 

बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू की समीक्षा की गई।

दरअसल, नीट-यूजी परीक्षा इस साल तीन मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए। एनटीए के मुताबिक सात मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया।

इसके बाद बढ़ते विवाद और जांच के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज केस में देशभर में कई जगह छापेमारी की गई है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीबीआई का दावा है कि पेपर लीक के असली स्रोत का पता लगा लिया गया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। ऐसे में अब सरकार की कोशिश यही है कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जाए ताकि छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

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