Monday, July 6, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेशMSME विभाग में एक दशक बाद बड़ा फैसला, 217 कर्मचारियों का प्रमोशन...

MSME विभाग में एक दशक बाद बड़ा फैसला, 217 कर्मचारियों का प्रमोशन और 116 नए पदों पर भर्ती के आदेश जारी

भोपाल

मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। करीब दस साल बाद विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विभाग की ओर से कुल 217 कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विभाग में सीधी भर्ती के लिए 116 नए पद भी उपलब्ध हो गए हैं, जिन पर आने वाले समय में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह प्रशासनिक निर्णय अहम माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसे लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देश मिलने के बाद उद्योग संचालनालय ने अलग-अलग संवर्गों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित की। बैठक में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता सूची और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद पात्र कर्मचारियों के नामों पर सहमति बनी। इसके आधार पर विभाग ने रविवार को पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए।

116 नए पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती
विभाग का कहना है कि पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती के 116 नए पद उपलब्ध हो गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और नए अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।

कर्मचारियों को 10 साल बाद मिली पदोन्नति
एमएसएमई विभाग में करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। विभागीय कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति आदेश जारी होने पर राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिली है।

अधिकारियों की डीपीसी भी जल्द
विभाग ने अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारी भी पूरी कर ली है। अधिकारियों की पदोन्नति के लिए जल्द ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डीपीसी बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके बाद अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

जारी आदेश के मुताबिक सबसे वरिष्ठ श्रेणी में अधीक्षक के एक पद पर पदोन्नति की गई है। इसके अलावा सहायक अधीक्षक के तीन पदों पर कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक वर्ग-1 में 43 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, जबकि सबसे अधिक 131 कर्मचारियों को सहायक वर्ग-2 के पद पर प्रोन्नति मिली है। इसी तरह सहायक वर्ग-3 के 14 कर्मचारियों को भी उच्च पद पर पदोन्नत किया गया है। निज सहायक संवर्ग में 25 कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सभी आदेश नियमानुसार जारी किए गए हैं और संबंधित कार्यालयों को इसकी सूचना भेज दी गई है।

सूत्रों के अनुसार लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण विभाग में कई पदों पर कार्यभार का असंतुलन बना हुआ था। वरिष्ठता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में लगातार असंतोष भी देखा जा रहा था। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। अब बड़ी संख्या में पदोन्नतियां होने से विभागीय ढांचे में नई व्यवस्था लागू होगी और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी किया जाएगा।

इन पदोन्नतियों का एक बड़ा असर भर्ती प्रक्रिया पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार जब कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया तो निचले स्तर के कई पद रिक्त हो गए। ऐसे कुल 116 पद अब सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध हो गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती की औपचारिकताओं को लेकर संबंधित एजेंसियों और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ की जा रही हैं। इससे नए अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा में आने का अवसर भी बढ़ेगा।

अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबे समय से बनी स्टाफ की कमी भी काफी हद तक दूर हो सकेगी। वर्तमान में कई इकाइयों में सीमित कर्मचारियों के सहारे कामकाज संचालित किया जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के संचालन और उद्योगों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी सुविधा मिलने की संभावना है।

विभागीय कर्मचारियों के बीच पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रक्रिया पूरी होने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिली है। कई कर्मचारियों को लंबे इंतजार के बाद पहली बार पदोन्नति का लाभ मिला है। विभागीय स्तर पर इसे कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और विभागीय कामकाज में अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

एमएसएमई विभाग ने केवल कर्मचारियों की पदोन्नति तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। विभाग अब अधिकारियों के लंबित प्रमोशन पर भी काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग से बैठक की तारीख तय होने के बाद अधिकारियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना है। इसी कड़ी में एमएसएमई विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची, रिक्त पदों की स्थिति और सेवा नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। आने वाले समय में भर्ती और पदोन्नति दोनों मोर्चों पर विभाग में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments