चंडीगढ़
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' को 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर नाम बदलकर रिलीज किया गया था, पर दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। अब अगले आदेश तक इसे भारत में OTT पर नहीं दिखाया जाएगा। तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में फंसे रहने के बाद 'सतलज' बड़ी मुश्किल से अब रिलीज की रोशनी देख पाई थी, पर अचानक हटाए जाने से न सिर्फ आम जनता में गुस्सा है, बल्कि सेलेब्स भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 'सतलज' को हटाए जाने पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बताया। एक्टर रणवीर शौरी से लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी नाराजगी जाहिर की है।
'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है। उन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी। साथ ही 2000 लोगों की मौत का पता लगाया था, जिनकी लाशों को लावारिस बताकर जला दिया गया था। पर बाद में पुलिस ने खालरा का ही फेक एनकाउंटर कर लाश को नदी में फेंक दिया था।
'सतलज' को बंपर रिस्पॉन्स, फिल्म देख रो पड़े थे लोग
3 जुलाई को जब 'सतलज' OTT पर आई, तो जिन्होंने भी फिल्म देखी वो रो पड़े और सभी से इसे देखने की अपील की। यहां तक कि IMDb पर भी इसे 9.7/10 रेटिंग मिली है। लेकिन अब अचानक ही इस फिल्म को OTT से भारत में हटा दिया है। इससे जनता और सेलेब्स भड़के हुए हैं।
सुखबीर सिंह बादल भड़के- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलज' हटाए जाने पर गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'भारत में ZEE5 से 'सतलज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस. जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, दमन का नहीं।'
यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
रणवीर शौरी ने यूं जाहिर किया गुस्सा
रणवीर शौरी ने भी गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'यह सुनकर बहुत निराशा हुई कि 'सतलज' को हटा दिया गया है। मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।'
मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।
पहले फिल्म के बारे में जानिए…
मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया।
सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया।
127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।
विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है।
फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा…
इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है।
मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं।
प्रोजेक्ट आया था, जो बैन हो गया, यूरोप टूर पर जाएंगे: एक प्रशंसक ने जब दिलजीत से उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया- एक प्रोजेक्ट आया था, जो अब बैन हो गया है। इसके बाद अब हम यूरोप टूर पर जाएंगे। पहला शो बर्लिन में होगा।




