Monday, July 6, 2026
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बिहार शिक्षक भर्ती विवाद: एनआईओएस डीएलएड मान्य नहीं, राज्यभर में हजारों नौकरियों पर असर की आशंका

भागलपुर
 बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-3) में 18 माह के डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के सख्त निर्देश के बाद भागलपुर जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने साफ किया है कि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार यह डिग्री अब मान्य नहीं होगी।

एनआईओएस की डिग्री वाले शिक्षक निशाने पर
शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 के आदेश और शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन संख्या 22/2024 की शर्तों के अनुसार, एनआईओएस (NIOS) से प्राप्त 18 माह की डीएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद के लिए वैध नहीं है। इसी आधार पर सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की सेवा तत्काल समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEOs) को सूची सौंपने को कहा है।

विज्ञापन की शर्तों के तहत बड़ा फैसला
    तीसरे चरण (TRE-3) में बहाल हुए शिक्षकों में से जिन्होंने एनआईओएस (NIOS) से 18 महीने का डीएलएड किया है, उनकी सेवा समाप्त होगी।

    शिक्षा विभाग के पुराने आदेश और विज्ञापन संख्या 22/2024 की शर्तों के तहत यह प्रशिक्षण अब विद्यालय अध्यापक पद के लिए मान्य नहीं है।

प्रखंड स्तर पर सूची बनाने के निर्देश
    प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर भागलपुर जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

    सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की भौतिक जांच कर जल्द से जल्द सूची सौंपने का आदेश दिया गया है।

भागलपुर में 50 से अधिक शिक्षकों पर गाज
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत उन शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कर जल्द ही अंतिम रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे, जिन्होंने इस प्रशिक्षण के आधार पर नौकरी पाई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अकेले भागलपुर जिले में ही 50 से अधिक शिक्षक इस बड़ी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।

राज्यभर में तीन हजार शिक्षकों की जाएगी नौकरी
इस प्रशासनिक आदेश के बाद राज्य स्तर पर करीब तीन हजार शिक्षकों की नौकरी पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कोर्ट और विभाग के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए अब इन शिक्षकों की छंटनी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, जिससे टीआरई-3 के तहत बहाल हुए अभ्यर्थियों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।

 

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