Friday, June 26, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डशिक्षा विभाग का नया आदेश, ट्रांसफर में गंभीर मरीजों और दिव्यांगों को...

शिक्षा विभाग का नया आदेश, ट्रांसफर में गंभीर मरीजों और दिव्यांगों को प्राथमिकता

पटना
 Bihar Teachers: शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण की जो नई नियमावली तैयार की है उसमें 40 से अधिक उम्र की मह‍िला श‍िक्ष‍िकाओं का विशेष ध्‍यान रखा गया है।

इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर किसी अविवाहित महिला शिक्षक की उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो स्थानांतरण में उनकी पसंद को वरीयता दी जाएगी।

अगर कोई महिला शिक्षक विधिक रूप से अलग रह रहीं तो उन्हें भी स्थानांतरण में वरीयता मिलेगी। नियमावली में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षक की संख्या चार से कम है , वहां वरीयता श्रेणी के शिक्षकों के पदस्थापन पर विचार नहीं किया जाएगा।

बीमारी और दिव्यांगता में इस तरह वरीयता
बीमारी और दिव्यांगता के तहत शिक्षकों को स्थानांतरण में किस तरह से अधिमानता मिलेगी इसका भी विशेष रूप से स्थानांतरण की नई नियमावली में जिक्र किया गया है।

वरीयता श्रेणी के तहत कैंसर रोग से ग्रस्त शिक्षक, ओपन हार्ट सर्जरी, एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट अंग प्रत्यारोपण के मामले में 20 प्रतिशत स्वयं, 10 प्रतिशत पत्नी के मामले में तथा 10 प्रतिशत की वरीयता संबंधित शिक्षक के 18 वर्ष से कम उम्र के आश्रित के संदर्भ में दी जाएगी।

इसी तरह की वरीयता एकल किडनी, किडनी ट्रांसप्लांट, व डायलिसिस के मामले में दी जाएगी। ब्रेन ट्यूमर, न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी व अन्य अन्य गंभीर टीबी के साथ-साथ पक्षाघात पीड़ित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में वरीयता मिलेगी।

दिव्यांगता के संदर्भ में यह प्रावधान किया गया है कि 80 से 100 प्रतिशत तक की दिव्यांगता जिसमें दृष्टि, अस्थि अथवा श्रवण बाधा शामिल है, से प्रभावित शिक्षकों को स्थानांतरण में वरीयता दी जाएगी।

बीमारी और दिव्यांगता श्रेणी के तहत आए आवेदन की जांच के लिए शिक्षा विभाग के स्तर चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाएगा।

यदि कोई शिक्षक वरीयता श्रेणी के तहत आवेदन करता है पर उनका स्थानांतरण नहीं होता है तो वह अगले स्थानांतरण चक्र में वरीयता श्रेणी के तहत स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेगा।

वरीयता का दावा गलत होने पर वैधानिक कार्रवाई
अगर किसी शिक्षक की वरीयता का दावा गलत निकलता है तो संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से उसकी जांच कराई जाएगी।

संबंधित शिक्षक को अपना स्पष्टीकरण दिए जाने को ले सात दिन का समय दिया जाएगा। यदि दावा गलत निकलता है तो संबंधित शिक्षक पर अनुशासनिक के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी।

वहीं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में क्रमश: 10 व पांच प्रतिशत वरीयता दिए जाने का प्राविधान किया गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments