Friday, June 26, 2026
Google search engine
Homeदेशचित्तौड़गढ़ साइबर फ्रॉड: फर्जी महिला ने निवेश का लालच देकर ठगे 72...

चित्तौड़गढ़ साइबर फ्रॉड: फर्जी महिला ने निवेश का लालच देकर ठगे 72 लाख रुपये

चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ में शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ के नाम पर 72 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. गोपाल लाल शर्मा को टीना मल्होत्रा नाम की एक महिला ने आईआईएफएल कंपनी की फर्जी सेक्रेटरी बनकर अपना शिकार बनाया. ठगों ने पीड़ित को यूट्यूब विज्ञापन और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जाल में फंसाया और फर्जी ऐप डाउनलोड कराया. अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ित और उनके परिवार के 7 अलग-अलग बैंक खातों से कुल 71 लाख 97 हजार 900 रुपए फर्जी खातों में ट्रांसफर करा लिए. जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो ऐप पर फिशिंग वॉर्निंग आ गई और आरोपियों के नंबर बंद हो गए.

यूट्यूब विज्ञापन और व्हाट्सएप ग्रुप से फंसाया
दरअसल, पीड़ित गोपाल राशमी उपखंड के पहुंना के रहने वाले हैं. फर्जी सेक्रेटरी टीना मल्होत्रा ने जमा कराई गई राशि पर 5 से 20 फीसदी तक प्रॉफिट होने का झांसा दिया था. इसके बाद 26 मार्च को डीएमए मार्केट ट्रेडिंग अकाउंट रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरवाया गया. जब पीड़ित ग्रुप से जुड़ा तो व्हाट्सएप ग्रुप में उसे यह टिप्स दिए जाते थे कि कौन-सा शेयर कब खरीदना है और कब बेचना है. ठगों ने पैसे ट्रांसफर करने के बाद व्हाट्सएप ग्रुप में ही स्क्रीनशॉट भी भेजे.

25 हजार से शुरू हुई ठगी, 72 लाख तक पहुंचा नुकसान
2 अप्रैल 2026 को पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में 25 हजार रुपए ट्रांसफर किए. इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर 2 अप्रैल से 3 जून 2026 के बीच ठगों ने पीड़ित गोपाल और उनके परिवार के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा और फेडरल बैंक समेत अलग-अलग बैंक खातों से कुल 71 लाख 97 हजार 900 रुपए फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा लिए.

पीड़ित गोपाल शर्मा ने बताया कि यह राशि होम लोन, पर्सनल लोन और उनकी पत्नी चन्द्रकला और पिता देवी लाल के खातों में जमा पैसे और परिचितों से लेकर जुटाई गई थी, जिसे ठगों ने बताए गए खातों में जमा करा लिया.

26 लाख से ज्यादा का फर्जी प्रॉफिट
कुछ ही दिनों में आईआईएफएल वीआईपी ऐप पर 26 लाख 31 हजार 544 रुपए का प्रॉफिट दिखाया गया. जब पीड़ित ने पैसे विड्रॉल करने की रिक्वेस्ट डाली तो ऐप पर फिशिंग वॉर्निंग आ गई और अकाउंट में जीरो बैलेंस दिखाई देने लगा.

कैसे खुला ठगी का राज?
पीड़ित ने टीना मल्होत्रा समेत ग्रुप के अन्य सदस्यों से संपर्क किया, लेकिन सभी आरोपियों के नंबर बंद मिले. इसके बाद पीड़ित ने आईआईएफएल कंपनी से संपर्क किया, जहां बताया गया कि टीना मल्होत्रा नाम की कोई सेक्रेटरी कंपनी में नहीं है और न ही वह वहां काम करती है. इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो चुकी है.

साइबर थाने में मामला दर्ज
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने 24 जून को साइबर पुलिस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस थाना चित्तौड़गढ़ में आईटी एक्ट की धारा 66डी और बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत टीना मल्होत्रा और आर. वेंकटरमन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. साइबर पुलिस थानाधिकारी मधु कंवर मामले की जांच कर रही हैं.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments