Friday, June 26, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डपंचायती राज विभाग की सूची में बड़ी चूक, जन्म से पहले नौकरी...

पंचायती राज विभाग की सूची में बड़ी चूक, जन्म से पहले नौकरी का रिकॉर्ड आया सामने

पटना
बिहार में पंचायती राज विभाग ने पंचायत सचिवों की वरीयता सूची जारी की है। राज्य में स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिव को प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी बनाया जाएगा। यह सूची राज्य में कार्यरत पंचायत सचिवों का एक अप्रैल 2026 के आधार पर जारी की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद ने जिलों के डीएम और जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र भेजा है। इस सूची में एक ऐसी गड़बड़ी सामने आई है जिसे जानकर कोई भी हैरान हो जाएगा। सूची में दी गई सूचना को सही मानें तो एक पंचायत सचिव को जन्म से 9 माह पहले ही नौकरी मिल गई।

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा है कि वरीयता सूची में किसी सेवानिवृत्त, मृत या त्याग पत्र दिये हुए पंचायत सचिव का नाम हो या किसी पंचायत सचिव का नाम छूट गया हो तो डीपीआरओ पूर्ण विवरण के साथ विभाग को सूची उपलब्ध करायेंगे। वरीयता सूची में दावा और आपत्ति साक्ष्य के साथ 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराना होगा। इस अवधि में दावा या आपत्ति नहीं मिलने पर माना जायेगा कि औपबंधिक वरीयता सूची में कोई त्रुटि नहीं है। इसके बाद अंतिम रूप से वरीयता सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। इस तरह पंचायत सचिवों की लंबी मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर पंचायत सचिवों ने हड़ताल भी की थी।

सूची में कई खामियां: संघ
बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि इस लिस्ट में अन्य कई खामियां हैं। वरीयता सूची में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त दर्जन भर से अधिक स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिवों का नाम नहीं है। सूची में कई प्रकार की गलतियां हैं।

जन्म के 9 माह पहले ही मिल गई नौकरी
औपबंधिक वरीयता सूची को देख आप चौक जायेंगे। इस सूची में सारण जिला के पंचायत सचिव सुदर्शन राम को उनके उनके जन्म के पहले ही नौकरी मिल गई है। सुदर्शन राम की जन्म तिथि 19 नवंबर 1969 अंकित है। जबकि इनकी पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति तिथि 28 जनवरी 1969 अंकित है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments