चंडीगढ़.
सीबीआई द्वारा आईडीएफसी बैंक घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल का 2 दिन का रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अब आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हरियाणा के चर्चित लगभग 657 करोड़ के आइडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जांच एजेंसी आइएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। सीबीआई ने मंगलवार को पंकज अग्रवाल को अदालत में पेश किया था, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया था। यह घोटाला हरियाणा और चंडीगढ़ के कई विभागों से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने अदालत में कहा कि पंकज अग्रवाल के कुछ इलेक्ट्रानिक उपकरण और दस्तावेज बरामद करने हैं।
बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा?
वहीं, बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग ने कहा कि ग्रवाल पहले ही सभी मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज सौंप चुके हैं। ऐसे में रिमांड की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पंकज अग्रवाल का रिमांड पर भेज दिया। अग्रवाल आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव हैं। जांच अनुसार पंकज जिस समय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रशासनिक सचिव थे, तब हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के खाते से करीब 10 करोड़ रुपये निकाले गए। यह खाता चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक में एग्रीकल्चर मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड के नाम से संचालित था। आरोप है कि इस राशि में से 9.75 करोड़ एसआरआर प्लानिंग गुरु लिमिटेड और 25 लाख रुपये मन्नत कांट्रेक्टर नामक कंपनियों को भेजे। दोनों शेल कंपनियां थीं, जिनका इस्तेमाल सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए किया गया।
छह आइएएस अधिकारी जांच के दायरे में
इस मामले में हरियाणा के छह अन्य आइएएस अधिकारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इनमें मोहम्मद शाइन, मणिराम शर्मा, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग, साकेत कुमार और डीके बेहरा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सीबीआई और ईडी दोनों मामले की जांच कर रही हैं और इस घोटाले में और भी कई राज खुल सकते हैं।
नियमों के विपरीत खोले गए बैंक खाते
सीबीआई के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे। सीबीआई के मुताबिक सीबीआई जांच में अग्रवाल का नाम हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) से जुड़े फंड गबन मामले में भी सामने आया है।




